वरिष्ठ पत्रकार नितिन चौधरी का निधन
रांची में पत्रकारिता क्षेत्र में अपनी मेहनत और कार्यशैली से एक विशेष पहचान बनाने वाले वरिष्ठ पत्रकार नितिन चौधरी का निधन हो गया। वे ब्लड कैंसर से पीड़ित थे और उनका निधन दिल्ली में हुआ। लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझते रहने के बावजूद नितिन ने अपनी अदम्य साहस का परिचय दिया। उनके निधन की खबर ने रांची सहित पूरे पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ा दी है। उनके सहकर्मी, मित्र और शुभचिंतक इस दुखद घटना पर अवाक हैं। यह विश्वास करना मुश्किल हो रहा है कि हमेशा मुस्कुराते रहने वाला उनका साथी अब उनके बीच नहीं रहा।
बीमारी से जूझने की कहानी
नितिन चौधरी ने वर्ष 2024 से ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का सामना किया। यह बीमारी कठिन थी, लेकिन नितिन की मजबूत इच्छाशक्ति ने उन्हें मुश्किलों से लड़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने इलाज के दौरान कैंसर पर सफलता प्राप्त की, लेकिन बीमारी के बाद उनकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होने लगी। इसके बावजूद नितिन ने कभी भी अपने आप को कमजोर महसूस नहीं किया और अंत तक अपने काम में जुटे रहे।
पत्रकारिता में करियर और उपलब्धियाँ
नितिन चौधरी ने वर्ष 2010 में पीकेएमएस से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद अपनी करियर की शुरुआत प्रभात खबर, देवघर से की। वर्ष 2012 में वे रांची आए और दैनिक भास्कर से जुड़ गए। वहां उन्होंने लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं। नितिन ने अपनी मेहनत और गहरी खबरों की समझ के बल पर पत्रकारिता में महत्वपूर्ण पहचान बनाई। विशेष रूप से रेलवे और एयरपोर्ट से जुड़ी खबरों में उनकी पकड़ मजबूत थी, और उन्होंने रांची से कई राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें ब्रेक कीं।
उनकी पत्रकारिता में न केवल खबरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता बल्कि उनके जुझारू व्यक्तित्व ने उन्हें विशिष्ट बनाया। जीवन के अंतिम क्षणों में भी उन्होंने बीमारी के खिलाफ संघर्ष जारी रखा, जो उनकी पत्रकारिता के प्रति समर्पण को दर्शाता है।






