पत्नी के प्रेमी के फरसे से कर डाले बीस टुकड़े

पत्नी के प्रेमी को धोखे से घर बुला फरसे से कर डाले बीस टुकड़े, बोरियों में भर फेंका कचरे के ढ़ेर में

गाजियाबाद में एक रिक्शा चालक ने अपनी दूसरी पत्नी के प्रेमी को धोखे से घर बुला उसके फरसे से बीस टुकड़े कर डाले। आरोपी इतना गुस्से में था कि उसने अपनी पत्नी के आशिक के गुप्तांग समेत सर व हाथ पांव काट कर अलग करते हुए बीस टुकड़े कर डाले।फिर तीन अलग अलग बोरियों में भरकर उसका शव सड़क किनारे फेंक दिया। पुलिस ने शव के टुकड़े बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

37 वर्षीय मीलाल प्रजापति मूलतःउत्तरप्रदेश के संभल जिले का रहने वाला है। वह रोजी रोटी के लिए गाजियाबाद के खोड़ा स्थित सोम बाजार में किराए के मकान में रहता है। बताया जाता है कि यहां मीलाल के दीदी जीजा जी रहते हैं। यहां उन्होने विकास कुमार नामक व्यक्ति के यहा मीलाल को किराए का मकान दिलवाया था। जहां रहकर मीलाल रिक्शा चलाकर जीवन यापन करता था। उसकी पहली पत्नी की मौत 11 साल पहले हो गई थी। पहली पत्नी से उसे एक बेटी है। जिसकी उम्र 17 वर्ष है। उसने पहली पत्नी की मौत के बाद अपने से 11 साल छोटी पूनम (26) से शादी की थी। पूनम उत्तरप्रदेश के ही अमरोहा जिले की निवासी हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक पूनम से उसे एक लड़का व दो लड़की हुए। जिसमे लड़के की उम्र दस साल, एक लड़की की उम्र 7 साल व दूसरे की 6 साल है। पूनम भी घरों में काम करने जाती थी। इस दौरान उसकी पहचान 26वर्षीय अक्षय से हो गई। अक्षय मूलरूप से राजस्थान के जयपुर के कोतपुतली का निवासी था। एक साल पहले तक खोड़ा में ही रहता था और रिक्शा चलाता था। जिस घर मे पूनम काम करने जाती थी उसी के पड़ोस में अक्षय रहता था। दोनो की जान पहचान हुई और वह पूनम के घर भी आने जाने लगा। चूंकि अक्षय व पूनम का पति मीलाल भी रिक्शा चालक था। इसलिए मीलाल ने इसे पहले सामान्य दोस्ती समझा। इस बीच हमउम्र अक्षय व पूनम के बीच तकरीबन तीन साल पहले प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। और दोनो के अवैध संबंध भी बन गए। जिसकी भनक मीलाल को नही लगी।

पिछले साल अक्षय वापस अपने गृहनगर राजस्थान के जयपुर के कोतपुतली चला गया। पर उसका संपर्क पूनम से जारी रहा। और साल भर पहले पूनम को भगा कर अपने साथ ले गया। पूनम अपने पति व बच्चों को छोड़ कर अक्षय के साथ फरार हो गई। मीलाल ने इसकी गुमशुदगी खोड़ा थाने में भी दर्ज करवाई। जिस पर पुलिस ने पूनम को राजस्थान के जयपुर के कोतपुतली स्थित अक्षय के घर से बरामद किया। तब पहली बार मीलाल को अपने पत्नी के अफेयर के बारे में पता चला। पर परिजनों के समझाने व छोटे बच्चों की देखरेख के चलते वह पूनम को साथ रखने के लिए राजी हो गया।

बताया जा रहा है कि पूनम लगतार अपने प्रेमी से छुप छुप कर बातचीत करती थी। जिसकी जानकारी मीलाल को हो जाती थी। पर समझाईश देने पर भी वह नही मान रही थी। चार दिन पहले मीलाल की 7 वर्षीय बेटी गर्म चाय से जल गई थी। जिसको इलाज के लिए दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (gtb) अस्प्ताल में भर्ती करवाया गया। तब पता चला कि अक्षय उसके गाजियाबाद के घर आया था। और उसी के लिए चाय बनाने के दौरान ही उसकी बेटी खौलता चाय गिरने से जली है। उसे यह भी पता चला कि अक्षय चोरी छुपे अक्सर उसके घर आते रहता है। यह जानकारी मिलने पर मीलाल गुस्से से आग बबूला हो गया। और अक्षय की हत्या की प्लानिंग की।

उसने अपनी पत्नी पूनम से कहा कि तुम दिन भर बेटी के देखरेख के लिए अस्पताल में रहती हो। और मैं ऑटो चलाने चला जाता हूं। इस दौरान बाकी तीनो बच्चो की घर मे देखभाल के लिए वह अक्षय को बुला ले। यह सुनकर पूनम की खुशी का पारा नही रहा, उसे लगा कि इसी बहाने वह अपने प्रेमी अक्षय से मिल पाएगी। उसने अक्षय को फोन कर बुला लिया। उसके प्रेमी अक्षय को भी अपनी महबूबा के पति के खूनी इरादों की भनक नही लगी औऱ वह खुशी खुशी उसी दिन गाजियाबाद आ गया। 19 जनवरी की रात को पूनम अस्प्ताल में भर्ती बेटी की देखरेख करने अपने दस वर्षीय बेटी के साथ चली गई। अक्षय रात को सो गया। जिस कमरे में अक्षय सो रहा था उसी में मीलाल की 17 वर्षीय व 6 वर्षीय बेटी सो रही थी। मीलाल जान बूझकर नही सोया और अक्षय के गहरी नींद में सोने का वेट करता रहा।

रात तकरीबन 11 बजे जैसे ही मीलाल को लगा कि अक्षय अब गहरी नींद में सो गया है उसने फरसे से पूरी ताकत के साथ अक्षय की गर्दन में वार कर दिया। एक ही वार में उसकी गर्दन कट कर अलग हो गई। गुस्से की आग में धधकते मीलाल ने फिर अपने पत्नी के आशिक अक्षय के गुप्तांग को भी काट कर अलग कर दिया। फिर उसके हाथ पांव काट कर अलग करते हुए शव को बीस टुकड़ों में बांट डाला। फिर धड़ व सर को काले कलर की पॉलीथिन में जबकि हाथ पांव समेत अन्य अंगों को दो और बोरियों में भर लिया। फिर उन्हें अपने रिक्शे में ही लाद कर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे में ले गया। और इंदिरापुरम अंडर पास के नजदीक कूड़े के ढेर में फेंक कर घर चला आया और सो गया।

उसी कमरे में सो रही उसकी बेटियों को इसकी जरा भी भनक नही लगी। सुबह उठकर जब उन्होंने पूछा तो मीलाल ने उन्हें कहा कि अंकल को जरूरी काम आ गया था। इसलिए वो चले गए हैं। जब पूनम ने घर आकर पूछा तो उसे भी कह दिया कि वह बिना बताए कही चला गया है। जिस पर पूनम को संदेह हुआ और उसने पुलिस को इसकी सूचना दे दी।

डीसीपी डॉक्टर दीक्षा शर्मा का कहना है कि पूनम ने पुलिस को बताया कि अक्षय उसका भांजा है जो कहि लापता हो गया है। पुलिस ने जब जांच शुरू की और मीलाल के मकान मालिक विकास कुमार से पूछताछ की तब उन्हें पूनम व अक्षय के प्रेम संबंधों की जानकारी हुई। विकास कुमार को दोनो के संबंध की जानकारी थी। पुलिस ने इसी दिशा में अपनी जांच आगे बढ़ाई। इसी बीच एक राहगीर ने सूचना दी कि दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेस वे के किनारे कुछ बोरों में से बेहद बदबू आ रही थी और ख़ोल कर देखने पर उसके मानव शरीर के कई टुकड़े मिले हैं। पुलिस ने जब मीलाल को हिरासत में लेक रपूछताछ की तो वह शुरू में मुकरता रहा फिर सख्ती बरतने पर टूट गया और पत्नी के प्रेमी अक्षय की हत्या के बाद लाश कई टुकड़े कर ठिकाने लगाने की बात कबूल ली।

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