जामताड़ा में साइबर अपराध का नया तरीका
जामताड़ा में साइबर अपराध का एक नया और चिंताजनक तरीका सामने आया है, जिसमें अपराधियों ने लोगों को भावनात्मक और आर्थिक दोनों तरह से डराने का काम शुरू कर दिया है। हाल ही में मिहिजाम थाना क्षेत्र के पार्षद कैलाश पंडित का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया है। हैकर्स ने पार्षद के अकाउंट से एक खौफनाक तस्वीर भेजकर उनके रिश्तेदारों से मेडिकल इमरजेंसी के नाम पर पैसे की मांग की है। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, और पार्षद ने लोगों से इस तरह के झांसे में न आने की अपील की है।
मामला क्या है?
साइबर अपराधियों ने मिहिजाम के पार्षद कैलाश पंडित की पहचान का दुरुपयोग करते हुए उनके करीबी लोगों को ठगने की योजना बनाई है। अपराधियों ने पार्षद की प्रोफाइल फोटो का उपयोग करते हुए उनके परिचितों को हाथ की उंगली कटी हुई एक डरावनी तस्वीर भेजी है, जिससे रिश्तेदार और शुभचिंतक भयभीत हो गए हैं। इस तरह का डर पैदा करके हैकर्स पैसे की मांग कर रहे हैं, जिससे वे परिजनों को भावनात्मक रूप से प्रभावित कर सकें।
आपातकाल का झांसा और फर्जी लिंक का जाल
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, साइबर अपराधी कभी गंभीर दुर्घटना या अचानक आर्थिक संकट का हवाला देते हुए तुरंत धनराशि ऑनलाइन ट्रांसफर करने का दबाव बना रहे हैं। इसके साथ ही, लोगों को धोखा देने के लिए फर्जी सरकारी योजनाओं के लिंक भी भेजे जा रहे हैं। साइबर विशेषज्ञों और पुलिस का कहना है कि ऐसे संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से मोबाइल का डेटा, नेट बैंकिंग की जानकारी और अन्य निजी दस्तावेज चोरी होने का खतरा होता है।
पार्षद ने दर्ज कराई शिकायत, जनता से की अपील
जैसे ही पार्षद कैलाश पंडित को अपने नाम का दुरुपयोग करके पैसे मांगने की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत मिहिजाम थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी। उन्होंने आम नागरिकों और अपने परिचितों से भावुक न होने की अपील की है, और कहा है कि किसी भी संदिग्ध मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। यदि कोई आर्थिक लेन-देन की बात करे, तो पहले उनके वास्तविक मोबाइल नंबर पर संपर्क करके सच्चाई जान लें। पुलिस इस मामले की तकनीकी जांच कर रही है, जिससे पूरे जिले में डिजिटल सुरक्षा और साइबर सतर्कता को लेकर जागरूकता बढ़ी है।
