पूर्वी सिंहभूम में खनन के विरोध में ग्रामीणों की आवाज
पूर्वी सिंहभूम में खनन गतिविधियों के आरंभ होने से स्थानीय निवासियों ने अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खनन स्थल के निकट धूल, विस्फोट और प्रदूषण से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय खेती-बाड़ी और पर्यावरण भी इस गतिविधि से प्रभावित हो सकते हैं।
अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभा का निर्णय
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि यह क्षेत्र अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां ग्राम सभा की सहमति अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने ग्राम सभा के निर्णय का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में इस क्षेत्र में पत्थर खदान स्थापित नहीं होने दिया जाएगा।
उपायुक्त से निवेदन
ग्रामीणों ने उपायुक्त से आग्रह किया है कि उनकी आपत्तियों, ग्राम सभा के निर्णय और जनहित को ध्यान में रखते हुए खनन की स्वीकृति प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही, उन्होंने इस संबंध में कार्रवाई को तुरंत स्थगित करने की मांग की है। यह सूचना जिला खनन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम, प्रखंड विकास पदाधिकारी पटमदा और अंचल अधिकारी पटमदा को भी भेजी गई है।
