सहकारिता आंदोलन को मजबूती प्रदान करने के लिए जमशेदपुर में सेमिनार आयोजित
जमशेदपुर में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाना और ग्रामीण नागरिकों को सहकारिता से जोड़कर विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना था। इस कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम (कोल्हान) क्षेत्र की विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण
सेमिनार में एलएएमपीएस/पैक्स, एमपीसीएस, इंडस्ट्रियल को-ऑपरेटिव सोसाइटी, हाउसिंग को-ऑपरेटिव सोसाइटी, क्रेडिट को-ऑपरेटिव, व्यापार मंडल और श्रमिक सहकारी समितियों के सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से आम नागरिकों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना और ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी संस्थाओं की भूमिका को मजबूत करना था।
राज्य सरकार की पहल
सेमिनार में वक्ताओं ने बताया कि राज्य सरकार सहकारिता आंदोलन को मजबूती देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सहकारिता के माध्यम से समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प व्यक्त किया।
तकनीकी सहायता और प्रबंधन व्यवस्था
कार्यक्रम में सहकारी समितियों को तकनीक के माध्यम से अधिक प्रभावशाली और पारदर्शी बनाने, आधुनिक प्रबंधन प्रणाली अपनाने तथा समितियों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही, ग्रामीण युवाओं को सहकारी क्षेत्र से जोड़कर उन्हें दीर्घकालिक रोजगार और करियर के अवसर प्रदान करने की आवश्यकता भी बताई गई।
भविष्य की योजनाएं
सेमिनार में यह भी उल्लेख किया गया कि भविष्य में सहकारी संस्थाओं की पहुंच को और विस्तारित किया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बेहतर प्रबंधन व्यवस्थाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में झारखंड कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के चेयरमैन सत्यइंद्र चौहान सहित कई अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने अपने विचार साझा किए।






