बिहार की सियासत में हलचल: तेज प्रताप यादव के बेबाक बयान
पटना। तेज प्रताप यादव, जो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, ने अपने हालिया बयानों से बिहार की राजनीति में फिर से हलचल मचा दी है। एक मीडिया चैनल के साथ बातचीत में, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों की प्रशंसा की और अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली राजद के भविष्य पर गंभीर सवाल उठाए।
राजद की स्थिति पर सवाल
तेज प्रताप यादव ने राजद की वर्तमान स्थिति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी अब बिखरने की कगार पर है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “जब से मैं राजद से अलग हुआ हूँ, पार्टी कमजोर हुई है।” उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर आरोप लगाया कि वह जनता से दूर हो गए हैं। इसके साथ ही, तेज प्रताप ने चेतावनी दी कि पार्टी के विधायक अन्य दलों की निगाह में हैं और कभी भी टूट सकते हैं। उनका कहना था कि राजद के 25 विधायकों को कोई भी तोड़ सकता है।
नीतीश कुमार की सराहना
जब तेज प्रताप से नीतीश कुमार के कार्यकाल के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बेबाकी से उत्तर दिया। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार हमारे पिता लालू प्रसाद यादव के पुराने साथी हैं। वह हमारे चाचा की तरह हैं और राजनीति में अनुभवी हैं। हम उनके सामने बच्चे हैं।” जब उन्हें याद दिलाया गया कि नीतीश ने राबड़ी देवी को हटाकर मुख्यमंत्री पद ग्रहण किया था, तो तेज प्रताप ने कहा कि राजनीति में उलटफेर होते रहते हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंधों का अपना महत्व है। उन्होंने मजाक में कहा कि नीतीश कुमार की एक विशेषता यह है कि वह काम के दौरान न्यूट्रल रहते हैं।
बदलते सियासी समीकरण का संकेत
ज्ञात हो कि नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा था, जिसके बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। तेज प्रताप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। उनके भाई तेजस्वी यादव पर की गई टिप्पणियाँ और नीतीश कुमार की उच्च रेटिंग, संभवतः बिहार में एक नए राजनीतिक समीकरण की ओर इशारा कर रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेज प्रताप का यह बयान राजद के लिए आने वाले दिनों में चुनौतियाँ पैदा कर सकता है।
