झारखंड में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास की आवश्यकता
रांची: झारखंड के केंद्रीय मंत्री से सुदेश महतो ने आग्रह किया है कि राज्य सरकार को मिनरल बेयरिंग लैंड पर सेस लगाने का अधिकार दिया जाए। उन्होंने यह प्रस्तावित किया कि इस सेस का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और जनकल्याण के लिए किया जाना चाहिए। महतो ने अपने पत्र में बताया कि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के लोग निवास करते हैं।
आवश्यकता वाली मूलभूत सुविधाएं
उन्होंने उल्लेख किया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों की जनसंख्या एक बड़ा हिस्सा आज भी प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, शुद्ध पेयजल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। सुदेश महतो ने सुझाव दिया कि सेस से प्राप्त धनराशि का उपयोग विभिन्न विकास कार्यों में किया जाए।
सुधार के उपाय
महतो ने कहा कि इस राशि का उपयोग बच्चों के लिए बेहतर विद्यालयीय आधारभूत संरचना बनाने, विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, पोशाक, किताबें और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने में किया जाना चाहिए। इसके साथ ही पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की भी आवश्यकता है।
महिलाओं और बच्चों के कल्याण पर ध्यान
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं और बच्चों को पौष्टिक आहार मुहैया कराने, सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करने, और विस्थापितों के पुनर्वास की दिशा में भी प्रयास किए जाने चाहिए।





