पलामू जिले में पेयजल संकट का समाधान
पलामू के उपायुक्त राधाकृष्ण किशोर ने जिले में बढ़ते पेयजल संकट की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। सोमवार को परिसदन में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंताओं के साथ चर्चा करते हुए उन्होंने पानी की स्थिति की समीक्षा की और तात्कालिक सुधार के लिए निर्देश दिए।
चापाकलों की स्थिति
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि पलामू जिले में कुल 27,037 चापाकल हैं, जिनमें से 1,370 चापाकल पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 2,017 चापाकलों के राइजिंग पाइप में सड़न आ गई है, जिसके कारण वे भी उपयोग के योग्य नहीं रह गए हैं। भूजल स्तर भी 55 से 60 फीट नीचे चला गया है, जिससे पेयजल संकट और बढ़ गया है।
मरम्मत के लिए फंड जारी
वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि अनाबद्ध निधि से पलामू जिले को 1 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनका उपयोग खराब चापाकलों की मरम्मत के लिए किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे डीएमएफटी फंड का उपयोग चापाकलों की मरम्मत और राइजिंग पाइप की खरीद में करें।
पंचायत स्तर पर संपर्क व्यवस्था
मंत्री ने प्रत्येक पंचायत में फ्लेक्स बोर्ड लगाने का निर्देश दिया, जिसमें चापाकल मिस्त्री और विभागीय अधिकारियों के मोबाइल नंबर शामिल होंगे। इससे स्थानीय लोग खराब चापाकलों की जानकारी सीधे दे सकेंगे और त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी। इसके साथ ही, पेयजल संकट के समाधान के लिए जिले में 17 चापाकल मरम्मत वाहन तैनात किए जाएंगे, जिनमें आवश्यक उपकरण और सामग्री मौजूद रहेगी।
नए चापाकल लगाने की योजना
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रत्येक विधायक की अनुशंसा पर प्रति प्रखंड 20 नए चापाकल स्थापित किए जाएंगे। पलामू जिले में 21 प्रखंड होने के कारण कुल 420 नए चापाकल लगाने की योजना बनाई गई है, जिससे क्षेत्र के लोगों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी।
