खूंटी में ABVP का प्रदर्शन: स्नातक सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग

बिरसा कॉलेज खूंटी में स्नातक स्तर पर नामांकन की सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा आज एक बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विद्यार्थी बिरसा मुंडा कॉलेज के प्रतिमा के नीचे एकत्रित हुए और अपनी मांग को लेकर आवाज उठाई। विद्यार्थियों का कहना है कि बिरसा कॉलेज खूंटी और इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उच्च शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

वंचित विद्यार्थियों की चिंताएँ

विद्यार्थियों ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई छात्र बाहर जाकर पढ़ाई करने में असमर्थ हैं। ऐसे में बिरसा कॉलेज में स्नातक की सीटों की कमी के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से वंचित रहने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर विद्यार्थियों ने “सीट बढ़ाओ, विद्यार्थियों का भविष्य बचाओ” और “हर बच्चे को पढ़ने दो, बिरसा कॉलेज बढ़ने दो” जैसे नारे भी लगाए।

ABVP के नेताओं की टिप्पणियाँ

ABVP के प्रदेश मंत्री प्रकाश टुटी ने इस प्रदर्शन के दौरान कहा कि बिरसा कॉलेज केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं है, बल्कि यह खूंटी के गरीब, ग्रामीण और आदिवासी परिवारों के हजारों बच्चों के सपनों का केंद्र है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सीटों की कमी के कारण कोई बच्चा उच्च शिक्षा से वंचित होता है, तो यह समस्या केवल उस विद्यार्थी की नहीं, बल्कि पूरे परिवार के भविष्य से जुड़ी हुई है।

छात्रों की एकता और सक्रियता

इस प्रदर्शन में शामिल क्षेत्रीय प्रमुख रवि अग्रवाल ने कहा कि कई छात्रों का एडमिशन केवल सीटों की कमी के कारण नहीं हो पाया है। रीना ओड़आ ने भी यह कहा कि जिन विद्यार्थियों का एडमिशन हो चुका है, उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने साथियों के लिए आवाज उठाएं जो अभी अवसर से वंचित हैं। सुखराम हेमरोम ने बताया कि संगठन विद्यार्थियों की समस्याओं के प्रति सक्रिय रहेगा।

संबंधित अधिकारियों से मांग

संगठन ने विश्वविद्यालय और संबंधित विभाग से शीघ्र निर्णय लेते हुए स्नातक की सीटों में पर्याप्त वृद्धि करने की मांग की है। सुशांति तो ने कहा कि खूंटी के किसी भी योग्य विद्यार्थी को केवल सीटों की कमी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित नहीं होने दिया जाना चाहिए। इस प्रकार के प्रदर्शन से यह स्पष्ट होता है कि विद्यार्थी अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं।