जेपीएससी परीक्षा रद्द होने से अभ्यर्थियों की समस्याएं बढ़ी
झारखंड में जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा के रद्द होने के बाद नियुक्त अभ्यर्थियों के समक्ष नई चुनौतियां उत्पन्न हो गई हैं। हजारीबाग में डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्यरत सोनम कुमारी ने झारखंड सरकार की उस अधिसूचना के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसके तहत जेपीएससी की विज्ञापन संख्या 01/2024 के अंतर्गत आयोजित परीक्षा को रद्द किया गया। सोनम कुमारी की ओर से उनके अधिवक्ता ने रिट याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई गुरुवार को हाईकोर्ट में होने वाली है। याचिका में राज्य सरकार द्वारा जारी मेमो नंबर 5404/18.8.2026 का उल्लेख करते हुए परीक्षा रद्द करने के निर्णय को चुनौती दी गई है। इसके साथ ही, याचिका में संबंधित अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की गई है। परीक्षा रद्द होने के कारण सोनम कुमारी को भी सेवा से मुक्त कर दिया गया है, जिससे उन्होंने सरकार के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट का सहारा लिया है।
श्रावणी मेले में प्रोबेशन उप समाहर्ताओं की तैनाती
श्रावणी मेले के दौरान देवघर के बाबा धाम में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 40 प्रोबेशन उप समाहर्ताओं को तैनात किया गया था। इसी तरह, दुमका जिले के बासुकीनाथ में 23 प्रोबेशन उप समाहर्ताओं को दंडाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी दी गई थी। कुल मिलाकर, श्रावणी मेले में 63 प्रोबेशन उप समाहर्ता अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। हालांकि, जेपीएससी परीक्षा रद्द होने के बाद इन अधिकारियों को ड्यूटी से हटा दिया गया है। परीक्षा का रद्द होना नए अधिकारियों की ट्रेनिंग और सेवा पर सवाल खड़ा कर रहा है, साथ ही चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। सोनम कुमारी की हाईकोर्ट में दायर याचिका के बाद गुरुवार को होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि कोर्ट के निर्णय से प्रभावित अभ्यर्थियों की स्थिति को लेकर आगे की दिशा स्पष्ट होने की संभावना है।



