Table of Contents
📌 गांडीव लाइव डेस्क:
रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बिहार चुनाव में महागठबंधन से अपना नाता तोड़ने का निर्णय लिया है। पार्टी ने घोषणा की है कि वह स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी और छह विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए मतदान 6 और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी।
झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, “पार्टी ने बिहार चुनाव अपने दम पर लडऩे का फैसला किया है। हम चकाई, धमदाहा, कटोरिया (एसटी), मनिहारी (एसटी), जमुई और पीरपैंती सीटों पर चुनाव में भाग लेंगे।” इन सीटों पर दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा।
चुनाव प्रचार के लिए तैयारियां 💪
झामुमो ने बिहार चुनाव को लेकर 20 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है, जिसमें झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल होंगे। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि महागठबंधन से सीटों की मांग की गई थी, लेकिन महागठबंधन ने इसे अनसुना कर दिया, इसलिए पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।
भट्टाचार्य ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा, “हम महागठबंधन के साथ हैं और उससे यह उम्मीद रखते हैं कि जेएमएम की हिस्सेदारी की घोषणा शीघ्र की जाए, क्योंकि नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।”
पूर्व अनुभवों का संदर्भ 🔍
भट्टाचार्य ने 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को सात सीटें दी गई थीं, लेकिन वे केवल एक सीट पर जीत हासिल कर सके थे। उन्होंने कहा, “हमने झारखंड में सरकार में राजद को एक विधायक को मंत्री बनाया था। आगामी चुनाव में, हमने राजद को झारखंड की छह सीटों का आवंटन किया।”
जुझारूपन का संकल्प ⚔️
भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि झामुमो अच्छे से जानता है कि चुनाव कैसे लडऩा है, विशेषकर भाजपा के खिलाफ। उन्होंने कहा, “हम गठबंधन सहयोगियों के बीच किसी भी भ्रम से बचना चाहते हैं, जिससे अन्य पार्टियों को फायदा मिल सकता है। इसलिए, हम चाहेंगे कि हमारी केंद्रीय समिति की बैठक तक सभी मुद्दों का समाधान हो जाए। बिहार में कई सीटें ऐसी हैं जहां हम मदद नहीं करेंगे तो महागठबंधन को भारी नुकसान हो सकता है।”
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!