कंपनी के अधिकारी बिना सत्यापन करते थे आडिट रिपोर्ट पर हस्ताक्षर
आईटी की छापेमारी में मिला आयरन ओर का बेहिसाब स्टॉक
रांची। चाईबासा की चर्चित शाह ब्रदर्स के दस्त ावेजों में भारी घालमेल है। शाह ब्रदर्स में आयरन ओर का बेहिसाब स्टॉक पाया गया है, जिसका मूल्यांकन किया जा रहा है। बताया गया है कि शाह ग्रुप ने शेल कंपनियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेन-देन किया है। इस ग्रुप के अफसरों ने आईटी से पूछताछ में स्वीकार किया है कि उन्होंने दस्तावेजों का सत्यापन किए बगैर आडिट रिपोर्ट पर हस्ताक्षर किया था। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन साक्ष्यों के प्रारंभिक विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि इस समूह ने कर चोरी के विभिन्न तरीकों का सहारा लिया है। आयकर विभाग ने झारखंड में हाल में शाह ब्रदर्स के अलावा दो विधायकों, उनके सहयोगियों और अन्य कारोबारियों के ठिकाने पर छापमारी का विवरण जारी किया है। विभाग के मुताबिक तलाशी और जब्ती कार्रवाई के दौरान 100 करोड़ रुपये से अधिक के बेहिसाबी लेनदेन और निवेश की जानकारी मिली है। बता दें कि 4-5 नवंबर को आईटी ने आयरन ओर व्यवसायी और शाह ब्रदर्स के मालिक राजकुमार शाह, बेरमो के कांग्रेस विधायक अनूप सिंह उर्फ जयमंगल सिंह और पोड़ैयाहाट के विधायक प्रदीप यादव, कोयला व्यवसायी अजय सिंह सहित कई कारोबारियों के रांची, गोड्डा, बेरमो, दुमका, जमशेदपुर, चाईबासा, पटना, गुरुग्राम, कोलकाता सहित 50 से भी ज्यादा जगहों पर छापमारी की थी। आयकर विभाग के मुताबिक तलाशी के दौरान दो करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित नकदी जब्त की गई है। कुल 16 बैंक लॉकरों पर रोक लगाई गई है। अब तक की तलाशी में 100 करोड़ रुपये से अधिक के बेहिसाब लेनदेन और निवेश का पता चला है। तलाशी अभियान में बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
यह भी पाया गया है कि अचल संपत्तियों में निवेश किया गया है। इसके अलावा बड़े पैमाने पर नगदी लेनदेन किये जाने के भी सबूत जुटाने का दावा आयकर विभाग ने किया है।
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