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पप्पू यादव के खिलाफ अदालत का आदेश, मामला है 31 साल पुराना
पटनाः पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। हाल ही में एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी से मकान किराए पर लेने और धमकी देने के मामले में कुर्की जब्ती का आदेश जारी किया है।
सांसद की अनुपस्थिति पर अदालत की कार्रवाई
विशेष न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय की अदालत ने यह आदेश उन तीन आरोपियों के खिलाफ जारी किया है, जिनमें शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद शामिल हैं। अदालत में आरोपितों की नियमित अनुपस्थिति के चलते यह कठोर कदम उठाया गया है। यह मामला 31 साल पहले का बताया जा रहा है।
गिरफ्तारी का वारंट पहले से जारी
इससे पूर्व तीनों आरोपितों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए गिरफ्तारी का वारंट और इश्तेहार भी जारी किया जा चुका था। अदालत ने इस मामले से संबंधित अगली सुनवाई की तिथि 7 फरवरी 2026 निर्धारित की है। यह मामला 1995 का है, जब शैलेंद्र प्रसाद ने शिकायतकर्ता का मकान किराए पर लिया था, जबकि बाद में यह पता चला कि सांसद ने उस मकान का उपयोग धोखाधड़ी से अपने कार्यालय के तौर पर किया था। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने इस घटना के संबंध में गर्दनीबाग थाना में प्राथमिकी संख्या 552/1995 के तहत शिकायत दर्ज कराई थी।
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