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एक नज़र में पूरी खबर
- चाईबासा में सरहुल पर्व का आयोजन पुलिस लाइन में किया गया, जिसमें एसपी अमित रेणु ने पूजा-अर्चना की।
- कार्यक्रम में ढोल-नगाड़ों की धुन और पारंपरिक गीतों के साथ पुलिस अधिकारी और जवानों ने उत्सव का आनंद लिया।
- इस आयोजन ने भाईचारा और एकता का संदेश दिया, जिससे पुलिस बल के सदस्यों के बीच सौहार्द बढ़ा।
चाईबासा में सरहुल पर्व का भव्य आयोजन
चाईबासा: आदिवासी समुदाय के प्रमुख पर्व सरहुल के अवसर पर शनिवार को चाईबासा पुलिस लाइन में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्साह, परंपरा और सांस्कृतिक रंग की झलक साफ नजर आई। कार्यक्रम में एसपी अमित रेणु अपने परिवार के साथ उपस्थित हुए और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की।
पूजा के साथ कार्यक्रम का प्रारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा से हुई। एसपी अमित रेणु ने सरहुल पूजा में भाग लेते हुए जिले की शांति, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उनके साथ कई पुलिस अधिकारी और जवान भी पूजा में सम्मिलित हुए।
ढोल-नगाड़ों की थाप पर उत्सव का आनंद
पूजा के बाद पुलिस लाइन परिसर उत्सव के रंग में रंग गया। ढोल-नगाड़ों की धुन और पारंपरिक गीतों के बीच पुलिस अधिकारी और जवान झूमते दिखाई दिए। इस सरहुल आयोजन ने आदिवासी संस्कृति की खूबसूरत झलक प्रस्तुत की, जिससे माहौल और भी जीवंत हो गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम ने उत्साह को बढ़ाया
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक नृत्य और गीतों की प्रस्तुतियां भी दी गईं। पुलिस बल के सदस्यों ने इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस आयोजन ने सभी के बीच खुशी और उत्साह का माहौल बनाया।
भाईचारा और एकता का संदेश
इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजन पुलिस बल के बीच आपसी भाईचारा और सौहार्द को मजबूत करते हैं। सरहुल जैसे पर्व हमें प्रकृति के प्रति सम्मान और समाज में एकता बनाए रखने का संदेश देते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों ने एक-दूसरे को सरहुल की शुभकामनाएं दीं और मिलकर इस पारंपरिक पर्व की खुशियां साझा कीं।
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