रांची: रिम्स जमीन घोटाले में एसीबी की जांच में नए खुलासे
रिम्स जमीन घोटाले से जुड़ी एसीबी की जांच में जैसे-जैसे प्रगति हो रही है, नए तथ्य सामने आ रहे हैं। एसीबी ने प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद कुमार महतो को इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। हाल ही में एसीबी ने सोनमैती देवी का बयान दर्ज किया, जिसमें उन्होंने कहा कि प्रमोद कुमार महतो उन प्रॉपर्टी डीलरों में से एक था, जिसने उन्हें रजिस्ट्री कार्यालय में अंगूठे का निशान लगाने के लिए बुलाया था। उनके अनुसार, जमीन का एक टुकड़ा उनके नाम पर था। एसीबी के अनुसार, प्रमोद कुमार महतो ने रिम्स के लिए अधिग्रहित सरकारी जमीन को बेचने में सोनमैती देवी का सहयोग किया।
गिरफ्तारी और फर्जी दस्तावेज़ों का खुलासा
एसीबी ने हाल ही में इस मामले में बिल्डर समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जमीन बेचने से संबंधित फर्जी वंशावली बनाने के लिए वार्ड पार्षद के फर्जी हस्ताक्षरों पर कागजात तैयार किए गए थे।
कामिनी रंजन का मामला
जांच में यह भी उजागर हुआ कि पटना की कामिनी रंजन के पक्ष में 17.35 डेसिमल जमीन का एक सेल डीड तैयार किया गया था, जिसकी बिक्री मूल्य 45,72,000 रुपये निर्धारित की गई थी। हालांकि, कामिनी रंजन को कभी भी उस जमीन पर कब्जा नहीं दिया गया। इसी कारण कामिनी रंजन ने वर्ष 2020 में पटना के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रमोद कुमार महतो के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, जिसमें धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया। उनके अनुसार, प्रमोद कुमार महतो ने उन्हें पैसा लौटाने के लिए जो चेक दिया था, वह भी बाउंस हो गया।
प्रमोद कुमार महतो की अनुपस्थिति
मिली जानकारी के अनुसार, एसीबी ने प्रमोद कुमार महतो को पूछताछ के लिए कई बार समन जारी किया है, लेकिन वह अब तक उपस्थित नहीं हुए हैं।
