झारखंड में नदियों का जलस्तर घटा, बाढ़ का खतरा बरकरार

झारखंड के जमशेदपुर में मानसून के दौरान लगातार बारिश के चलते खरकई और स्वर्णरेखा नदियों का जलस्तर अब घटने लगा है। हालांकि, बाढ़ का खतरा अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। हाल के दिनों में बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार के संकेत देखने को मिले हैं, लेकिन दोनों नदियों का जलस्तर अब भी चिंता का विषय बना हुआ है।

खरकई नदी का जलस्तर

खरकई नदी का जलस्तर 31 अगस्त की सुबह 8 बजे आदित्यपुर ब्रिज पर 129.03 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 129 मीटर से महज 3 सेंटीमीटर ऊपर है। इसका मतलब है कि नदी अब भी खतरे के स्तर को पार कर रही है, हालाँकि जलस्तर में कमी आ रही है। 30 अगस्त की शाम को यह जलस्तर 129.21 मीटर था, जो 12 घंटे के भीतर 18 सेंटीमीटर घटा है।

स्वर्णरेखा नदी की स्थिति

मानगो ब्रिज पर स्वर्णरेखा का जलस्तर 119.70 मीटर है, जो खतरे के निशान 121.50 मीटर से 1.80 मीटर नीचे है। पिछले 24 घंटे में इसका जलस्तर भी गिर रहा है। 30 अगस्त की शाम को यह 119.60 मीटर पर था, जिससे स्पष्ट होता है कि नदी में मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद जल स्तर में कमी आ रही है।

जलस्रोतों से पानी का डिस्चार्ज

गंजिया बैराज के सभी 8 गेट खुले हुए हैं, जहाँ से 1186.54 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा, खरकई डैम से 55.18 क्यूमेक्स और बैंकाबाल डैम से 84.72 क्यूमेक्स पानी का डिस्चार्ज हो रहा है। चांडिल डैम से 744.57 क्यूमेक्स पानी छोड़ने की जानकारी भी सामने आई है, जिसमें से अधिकांश पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।

निचले इलाकों में सतर्कता आवश्यक

खरकई के जलस्तर के खतरे के निशान से ऊपर रहने और जलस्रोतों से पानी का डिस्चार्ज जारी रहने के कारण तटीय तथा निचले इलाकों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। बागबेड़ा, जुगसलाई, कदमा, सोनारी, शास्त्रीनगर और अन्य निचले क्षेत्रों में प्रशासन को स्थिति पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

आगामी घंटों में स्थिति की महत्वपूर्णता

हालांकि स्थिति में सुधार हो रहा है, लेकिन अगले कुछ घंटों में खरकई का जलस्तर खतरे के निशान के नीचे आता है या नहीं, यह महत्वपूर्ण होगा। लगातार बारिश या ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र से पानी आने की स्थिति में नदियों का जलस्तर फिर से बढ़ सकता है। प्रशासन ने नदी किनारे जाने से मना किया है और लोगों को जलधारा से दूर रहने की सलाह दी है।