जीरो-वेस्ट तकनीक और कौशल विकास पर जोर
रांची में आयोजित एक बैठक में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने पर्यावरण-अनुकूल और ‘जीरो-वेस्ट’ प्रसंस्करण इकाई की स्थापना पर ध्यान केंद्रित किया। इस दिशा में उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना
मंत्री ने अत्याधुनिक इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) और उन्नत रेंडरिंग प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया को तुरंत शुरू करने का आदेश दिया। यह रेंडरिंग प्लांट बूचड़खाने के उप-उत्पादों को उच्च प्रोटीन वाले पशु आहार घटकों में बदलने का कार्य करेगा, जिससे व्यवसायिक लाभ में वृद्धि होगी।
प्रशिक्षणार्थी हॉस्टल का निर्माण
इसके अलावा, परिसर में एक समर्पित प्रशिक्षणार्थी हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को आधुनिक मांस प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन का तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करना है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस प्रोजेक्ट को एक ऐसे व्यावसायिक मॉडल के रूप में संचालित किया जाए, जो भविष्य में सरकारी अनुदान पर निर्भर न रहे।
आर्थिक समृद्धि का नया जरिया
कांके बेकन फैक्ट्री को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और संस्थागत बिक्री के माध्यम से वित्तीय स्वायत्तता और आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह पुनरुद्धार केवल एक संयंत्र की स्थापना नहीं है, बल्कि यह पशुपालकों के लिए आर्थिक समृद्धि का एक नया अवसर है।
