जमशेदपुर में कॉलेज छात्र की संदिग्ध मौत का मामला राष्ट्रपति सचिवालय तक पहुंचा

जमशेदपुर के कदमा क्षेत्र के निवासी अंजनी कुमार मिश्रा के बेटे लक्ष्य मिश्रा की बेंगलुरु में मणिपाल इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में हुई मौत का मामला अब राष्ट्रपति सचिवालय तक पहुंच चुका है। अंजनी मिश्रा ने अपने बेटे की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एक याचिका दायर की थी, जिसे राष्ट्रपति सचिवालय ने उचित कार्रवाई के लिए संबंधित प्राधिकरण के पास भेज दिया है।

याचिका की प्राप्ति और कार्रवाई

राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा 22 जून 2026 को जारी पत्र में बताया गया है कि 15 जून 2026 को राष्ट्रपति को संबोधित एक याचिका प्राप्त हुई थी। इस पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि मामले की उचित जांच के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया है। साथ ही, याचिकाकर्ता को कार्रवाई की जानकारी सीधे उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया है। लक्ष्य मिश्रा के पिता का आरोप है कि उनके बेटे ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसे कॉलेज के हॉस्टल में रैगिंग के दौरान हत्या कर नीचे फेंका गया। जबकि कॉलेज प्रशासन इसे आत्महत्या का मामला बता रहा है, परिवार इस दावे पर लगातार सवाल उठा रहा है।

घटनास्थल की परिस्थितियों पर सवाल

अंजनी मिश्रा ने कहा है कि घटनास्थल की परिस्थितियां आत्महत्या की कहानी से मेल नहीं खाती हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस खिड़की से लक्ष्य के गिरने की बात कही जा रही है, वहां की स्थिति संदिग्ध है। नीचे मिले खून के निशान और शव की स्थिति कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि पुलिस को घटना की सूचना देर से दी गई थी और फॉरेंसिक टीम के पहुंचने से पहले ही कमरे से चादर और तकिया हटा दिए गए थे। इसके अलावा, दरवाजे के हैंडल को भी साफ कर दिया गया, जिससे उन्हें सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका है।