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📌 गांडीव लाइव डेस्क:
रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालुओं और पुलिस के बीच झड़प: 5 पुलिसकर्मी निलंबित
रामगढ़, 09 मार्च – झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका मंदिर (रजरप्पा) में रविवार को श्रद्धालुओं के साथ हुई झड़प के चलते पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में पुलिस के जवानों को श्रद्धालुओं पर लाठी-डंडों से हमला करते हुए देखा गया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। निलंबित किए गए कर्मियों में चार जैप (झारखंड सशस्त्र पुलिस) के आरक्षक और एक गृहरक्षक शामिल हैं।
घटना का संक्षिप्त विवरण
पुलिस के अनुसार, रविवार को मंदिर में अप्रत्याशित रूप से भारी भीड़ जमा हो गई थी। इसकी वजह से मुख्य प्रवेश द्वार खोला गया, जबकि अन्य द्वार बंद कर दिए गए। सुरक्षा के लिए जैप-04 के जवानों और रजरप्पा थाना के अधिकारियों को तैनात किया गया था। दोपहर लगभग 1:30 से 2:00 बजे के बीच एक बुजुर्ग श्रद्धालु को मानवीय आधार पर अंदर आने की अनुमति दी गई।
इस दौरान, जमशेदपुर से आए कुछ श्रद्धालुओं ने निकास द्वार से बिना अनुमति प्रवेश करने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोका और संतोषजनक तरीके से बात करने को कहा। इसी क्रम में, श्रद्धालुओं ने पुलिस अधिकारियों के प्रति अपशब्द कहे और एक अधिकारी का स्टार खींच लिया।
इसके परिणामस्वरूप, जैप-04 के आरक्षियों और गृहरक्षक ने स्थिति को کنترل करने की कोशिश की, जिसके तहत उन्हें लाठी-डंडों का भी सहारा लेना पड़ा।
पुलिस अधीक्षक की प्रतिक्रिया
पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का अवलोकन किया और सभी कर्मियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के साथ असभ्य व्यवहार न किया जाए। वायरल वीडियो की जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक को निर्देशित किया गया।
जांच में यह सामने आया कि एक श्रद्धालु ने पहले पुलिस अधिकारी पर हमला किया, जिसके बाद पुलिस की ओर से जवाबी कार्रवाई हुई।
कार्रवाई का विवरण
चार जैप आरक्षियों (श्याम लाल महतो, राधेश्याम कुजूर, बहादुर उराँव, और जॉनसन सुरीन) को तुरंत कार्य से निलंबित कर दिया गया। गृहरक्षक सिकन्दर यादव को भी उनके कार्य से विमुक्त कर दिया गया।
ज्ञात हो कि रजरप्पा मंदिर एक प्रमुख शक्तिपीठ है, जहाँ वर्ष भर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। भीड़ प्रबंधन में कभी-कभी ऐसी घटनाएं घटित होती हैं, लेकिन पुलिस ने दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है।
घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें कुछ लोग पुलिस की कार्रवाई को “गुंडागर्दी” करार दे रहे हैं, जबकि सरकारी जांच में उकसावे की वजह सामने आई है।
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