चतरा: मवेशियों से लदे पिकअप वाहन की दुर्घटना, पशु तस्करी का मामला सामने आया

मयूरहंड थाना क्षेत्र में शनिवार की सुबह लगभग चार बजे एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें 15 से अधिक गायों की मौत हो गई। घटना हुसिया बाजार के पास पंचमो जंगल के निकट हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पिकअप में बड़ी संख्या में मवेशियों को लादकर ले जाया जा रहा था।

मवेशियों के पैर थे बेरहमी से बंधे

दुर्घटना के बाद जब ग्रामीणों और पुलिस ने वाहन की जांच की, तो मवेशियों को ले जाने का तरीका देख सभी दंग रह गए। पिकअप में मवेशियों के पैरों को बेरहमी से बांधा गया था और उन्हें अत्यंत संकुचित स्थिति में रखा गया था। इस स्थिति में, चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे पिकअप पलट गई। इसके परिणामस्वरूप, कई गायें वाहन के नीचे दब गईं और दम घुटने के कारण उनकी मौत हो गई।

ग्रामीणों ने निकाले मवेशी

हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कठिन परिश्रम से दुर्घटनाग्रस्त पिकअप में फंसे मृत और घायल मवेशियों को बाहर निकाला। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने इस प्रकार से मवेशियों को ले जाने पर पशु तस्करी के मुद्दे को उठाया।

पशु तस्करी का मामला उजागर

वाहन की जांच के दौरान पुलिस के सामने पशु तस्करी का मामला खुलकर सामने आया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मयूरहंड और आसपास के क्षेत्रों में पशु तस्करों का एक गिरोह लंबे समय से सक्रिय है, जो रात के अंधेरे में मवेशियों को बड़ी संख्या में वाहनों में लादकर अन्य स्थानों पर ले जाता है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की तस्करी की जानकारी पहले नहीं मिली थी।

पुलिस ने पिकअप को जब्त किया, घायल गायों के लिए इलाज की व्यवस्था

घटना की सूचना मिलने के बाद मयूरहंड थाना प्रभारी राहुल दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लेने के बाद दुर्घटनाग्रस्त पिकअप को जब्त कर लिया। थाना प्रभारी ने बताया कि घायल गायों के इलाज के लिए पशु चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया है, और मृत मवेशियों को दफनाने की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है।

तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज, जांच जारी

पुलिस ने पशु तस्करी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब पिकअप के मालिक, चालक और तस्करी में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी है। इसके साथ ही, यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मवेशियों को कहां से लाया गया और उन्हें किस मार्ग से ले जाया जा रहा था। पुलिस पूरे तस्करी नेटवर्क की जानकारी एकत्रित कर रही है।