नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान, ये दो पड़ोसी देश न केवल भू-राजनीतिक तनाव का सामना कर रहे हैं, बल्कि क्रिकेट के मैदान पर भी उनकी प्रतिद्वंद्विता हमेशा देखने को मिलती है। दोनों देशों के फैंस चिर प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैचों का बेसब्री से इंतजार करते हैं। हालांकि, ये टीमें आमतौर पर बड़े टूर्नामेंट में ही आमने-सामने आती हैं। पिछले साल हुए एशिया कप में ‘हैंडशेक विवाद’ ने इन दोनों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया था, और यह घटना आज भी चर्चा का विषय बनी हुई है। पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने हाल ही में इस विवाद पर अपने विचार साझा किए हैं।

मुझे पता था… 

पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का असर खेल के मैदान पर भी देखने को मिला, जब एशिया कप के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया। इस मामले पर सलमान ने एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस और ट्रॉफी शूट के दौरान सब कुछ सामान्य था और हाथ मिलाया भी गया था। लेकिन जब टॉस के लिए जाने लगे, तो मैच रेफरी ने उन्हें अलग ले जाकर स्पष्ट किया कि इस बार हैंडशेक नहीं होगा। आगा ने इसे अप्रत्याशित माना, लेकिन उन्होंने इस निर्णय को मान लिया।

मैच के बाद की स्थिति

मैच के बाद भारत ने जीत हासिल की, लेकिन असली चर्चा उस समय शुरू हुई जब आगा ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमें एक-दूसरे से हाथ मिलाएंगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरी पाकिस्तानी टीम को भारतीय ड्रेसिंग रूम की ओर ले जाने की कोशिश की, लेकिन टीम इंडिया ने दरवाजा बंद कर लिया। यहां तक कि हमारे जाने के बाद भी उन्होंने हाथ नहीं मिलाया।

खेल भावना बनाम राष्ट्रीय रुख

यह विवाद केवल एक औपचारिकता का मुद्दा नहीं था, बल्कि इसमें खेल भावना और राष्ट्रीय भावनाओं के बीच टकराव भी देखने को मिला। भारतीय कप्तान के लिए देश की स्थिति और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान प्राथमिकता थी, जबकि आगा ने इसे खेल के मूल्यों के दृष्टिकोण से देखा। इसके अलावा, आगा ने चिंता जताई कि इस तरह की घटनाएं युवा खिलाड़ियों और दर्शकों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रोल मॉडल होते हैं और उनका व्यवहार जमीन पर भी देखा जा सकता है।

क्या था पूरा मामला

जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें आतंकियों ने पर्यटकों से उनकी पहचान पूछकर उन्हें मार डाला था। इस हमले में लगभग 26 लोगों की जान गई थी। इस घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते और खराब हो गए थे, और भारतीय टीम ने स्पष्ट कर दिया था कि हालात सामान्य नहीं हैं।