झारखंड में छात्रों के आंदोलन पर सरकार का रुख
झारखंड में छात्रों के आंदोलन के चलते 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की घोषणा की गई है। इस बीच, झामुमो नेता मनोज पांडेय ने सरकार की स्थिति स्पष्ट की है। पांडेय ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और सरकार के दरवाजे छात्रों के संवाद के लिए हमेशा खुले हैं।
संवाद को प्राथमिकता देती है सरकार
मनोज पांडेय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आदिवासी-मूलवासी झारखंडी बताते हुए कहा कि वे छात्रों की भावनाओं को बेहतर तरीके से समझते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार छात्रों की समस्याओं तथा उनकी मांगों को सुनने के लिए तत्पर है। इसके लिए जिला प्रशासन की टीम भी छात्रों के साथ संवाद करने के प्रयास कर रही है। विभिन्न माध्यमों से संवाद स्थापित करने के विकल्प भी उपलब्ध हैं।






