झारखंड में JPSC परीक्षा परिणाम पर विवाद
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा परीक्षा परिणाम जारी करने से पहले, आयोग के दो सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई है। इन सदस्यों का कहना है कि जारी किए गए परिणाम विज्ञापन में निर्धारित योग्यता शर्तों और प्रावधानों के अनुसार नहीं हैं। दोनों ने परिणाम के फाइल पर हस्ताक्षर करने से भी मना कर दिया है।
आयोग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
JPSC के नियमों के तहत, किसी भी परीक्षा का परिणाम जारी करने से पहले परीक्षा नियंत्रक को आयोग के सभी सदस्यों की सहमति प्राप्त करनी होती है। ऐसे में, दो सदस्यों की असहमति के बावजूद परिणाम का जारी होना आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है। इस स्थिति ने आयोग के निर्णय लेने की प्रक्रिया की पारदर्शिता पर चिंताओं को जन्म दिया है।
APP भर्ती में योग्यता मानदंड
एपीपी भर्ती के विज्ञापन में विधि स्नातक डिग्री (LLB) के साथ-साथ कंप्यूटर संचालन की योग्यता को एक अतिरिक्त अर्हता के रूप में बताया गया था। विज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया था कि केवल राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान का कंप्यूटर प्रमाणपत्र ही मान्य होगा। इस प्रकार की सख्त शर्तों के बावजूद, परिणाम को लेकर उठे सवाल यह दर्शाते हैं कि आयोग को अपने मानदंडों का पालन करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
