नक्सलियों के टेक्निकल विंग के प्रमुख का आत्मसमर्पण
झारखंड के चाईबासा में माओवादी संगठन के टेक्निकल विंग के प्रमुख नरहरि उर्फ विश्वनाथ ने अपने परिवार के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। इस पर 25 लाख रुपये का इनाम रखा गया था। नरहरि ने अपनी पत्नी के साथ नक्सलवाद से अलग होकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
आत्मसमर्पण की प्रक्रिया
चाईबासा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नरहरि ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। उन्होंने बताया कि वह नक्सलवाद की विचारधारा से प्रभावित थे, लेकिन अब वह अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए मुख्यधारा में लौटने का फैसला कर चुके हैं। पुलिस ने उनके आत्मसमर्पण को सकारात्मक कदम बताया है।
पुलिस की भूमिका
पुलिस विभाग के अधिकारियों ने कहा कि नरहरि का आत्मसमर्पण एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो नक्सलवाद के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के कदम से अन्य नक्सलियों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया जा सकेगा।
नक्सलवाद के खिलाफ मुहिम
झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही मुहिम में कई लोगों ने भाग लिया है। सरकार और पुलिस विभाग ने नक्सलियों के लिए आत्मसमर्पण की प्रक्रिया को सरल बनाने के कई प्रयास किए हैं। इस प्रक्रिया के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को सुरक्षा और पुनर्वास की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
