झारखंड में मैट्रिक परीक्षाओं का आगाज़
झारखंड: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक की वार्षिक परीक्षा 17 फरवरी (मंगलवार) से प्रारंभ होने जा रही है। यह परीक्षा राज्यभर के 1,699 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 15,12,687 परीक्षार्थी शामिल होंगे। बोर्ड ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी और वीडियोग्राफी की व्यवस्था की जाएगी। मुख्य गेट परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को परीक्षा आरंभ होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र में पहुंचना आवश्यक है। देर से पहुंचने पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
खुले में मांस बिक्री पर रोक
बिहार में अब खुले में मांस नहीं बिकेगा, जिसके लिए उत्तर प्रदेश मॉडल लागू किया गया है। साथ ही, छात्राओं के लिए प्रत्येक जिले में चार मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि विद्यार्थी जूते या मोजे पहनकर परीक्षा केंद्र में नहीं आएंगे; चप्पल पहनकर आना अनिवार्य होगा। परीक्षा केंद्र पर अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध रहेगा, और मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के क्षेत्र में अनधिकृत लोगों की उपस्थिति पर कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने ओएमआर शीट और उत्तरपुस्तिका जमा करने के समय का भी निर्धारण किया है, ताकि परीक्षा संचालन में पारदर्शिता बनी रहे। सभी जिलों के डीएम, एसपी तथा प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशों का पालन कराने के लिए कहा गया है।
पटना में परीक्षा केंद्रों की संख्या
पटना जिले में विद्यार्थियों के लिए 70 परीक्षा केंद्र स्थापीत किए गए हैं। यहां कुल 71,022 परीक्षार्थी शामिल होंगे, जिनमें पहली पाली में 35,897 परीक्षार्थी, जिसमें छात्राएं 19,069 और छात्र 16,828 होंगे। दूसरी पाली में 35,125 परीक्षार्थी, जिसमें छात्राएं 18,968 और छात्र 16,157 होंगे। यदि किसी परीक्षार्थी के एडमिट कार्ड पर संलग्न फोटो में गड़बड़ी होती है, तो उसे पहचान पत्र लेकर परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। यदि कोई परीक्षार्थी अपना एडमिट कार्ड खो देता है या घर पर भूल जाता है, तो उसे उपस्थिति पत्रक और रोल शीट से सत्यापन करके परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी।
परीक्षा के पहले दिन की जानकारी
मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन, 17 फरवरी को, दोनों पालियों में भाषा विषय (हिंदी, बंगला, उर्दू, मैथिली) की परीक्षा आयोजित की जाएगी। पहली पाली का समय सुबह 9:30 से दोपहर 12:45 बजे तक होगा, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से 5:15 बजे तक होगी। परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। नेत्रहीन और दिव्यांग परीक्षार्थियों को, यदि वे अपनेआप लिखने में असमर्थ हैं, तो लेखकों के जरिए परीक्षा देने की अनुमति है, और उन्हें प्रति घंटे 20 मिनट का अतिरिक्त समय प्रदान किया जाएगा।

