📌 गांडीव लाइव डेस्क:
जमशेदपुर: संजीव सिंह हत्याकांड में कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
जमशेदपुर में गोविंदपुर के जोजोबेड़ा रेलवे फाटक पर 12 मई 2016 को जमीन कारोबारी सांजीव सिंह की हत्या के मामले में एडीजे-5 मंजू कुमारी की अदालत ने फैसला सुनाया है। झामुमो के केंद्रीय सदस्य दुबराज नाग और संजीव के चचेरे भाई जितेंद्र सिंह को उम्रकैद की सजा मिली है।
सरकारी गवाह बने मिथुन चक्रवर्ती बरी
इस मामले में सरकारी गवाह बन चुके झामुमो नेता मिथुन चक्रवर्ती को कोर्ट ने बरी कर दिया। उनके अलावा अन्य आरोपियों में डोमनिक सैमसंग, मोहन कच्छप, सरफुद्दीन अंसारी, मंगल टुडू, और चित्रो सरकार शामिल हैं, जो सब बरी हुए हैं।
घटना की रात की घटनाएँ
घटना के दिन, सुबह 10:45 बजे, टिस्को की एक लोडेड मालगाड़ी रेलवे फाटक से गुजर रही थी। इस दौरान फाटक पर लोगों की भीड़ भी थी। जैसे ही फाटक खुला, बाइक पर सवार संजीव सिंह पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं।
मामले की गंभीरता
इस हत्याकांड ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया था और इसके बाद जांच के दौरान कई अड़चनों का सामना करना पड़ा। इस मामले में दोषियों को सजा मिलना एक सकारात्मक कदम है।
संजीव सिंह की हत्या की साजिश के पीछे कई लोगों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन अब कोर्ट का फैसला उन पर जिम्मेदारी डालता है।
जमशेदपुर में इस मामले में हुई कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि न्याय प्रणाली सक्रिय है और किसी भी अपराध को बख्शा नहीं जाएगा।

