कोडरमा : कोडरमा जिले के शैक्षणिक संस्थानों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) हजारीबाग से हटाकर गिरिडीह में स्थापित होने वाले नए विश्वविद्यालय से जोड़ने के निर्णय के खिलाफ विरोध बढ़ता जा रहा है। इस विषय पर छात्र, अभिभावक और सामाजिक संगठनों ने खुलकर अपनी आवाज उठाई है। जिले के विभिन्न कॉलेजों, विशेषकर जेजे कॉलेज में, प्रदर्शन और धरनाएं हो रही हैं। कोडरमा बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले जेजे कॉलेज परिसर में छात्रों और स्थानीय निवासियों ने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि कोडरमा के कॉलेजों का लंबे समय से विनोबा भावे विश्वविद्यालय से संबंध रहा है, और अब अचानक इन्हें गिरिडीह विश्वविद्यालय से जोड़ने का निर्णय छात्रों के लिए अनुकूल नहीं है। छात्रों का कहना है कि इससे अध्ययन, परीक्षाएं, प्रमाणपत्र और प्रशासनिक कार्यों में कठिनाई होगी, साथ ही दूर-दराज के छात्रों को आने-जाने में भी समस्या आएगी।
मामले का संक्षिप्त विवरण
सरकार गिरिडीह में एक नए विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद आसपास के कुछ जिलों के कॉलेजों को उससे जोड़ने की योजना बना रही है। इसी संदर्भ में कोडरमा जिले के कॉलेजों को भी गिरिडीह विश्वविद्यालय से संबद्ध करने का प्रस्ताव रखा गया है। लेकिन जैसे ही यह निर्णय सामने आया, कोडरमा में इसके खिलाफ विरोध शुरू हो गया। छात्रों और स्थानीय संगठनों का कहना है कि इससे शिक्षा प्रणाली और जटिल हो जाएगी।
“हजारीबाग निकट, गिरिडीह दूर”
विरोध कर रहे लोगों का तर्क है कि कोडरमा से हजारीबाग की दूरी कम है, जबकि गिरिडीह जाने में अधिक समय और पैसा खर्च होगा। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और गरीब परिवारों से आने वाले छात्रों के लिए यह निर्णय बड़ी कठिनाइयों का कारण बन सकता है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चंदवारा, बरही, बरकट्ठा और आसपास के क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं अब आसानी से विश्वविद्यालय संबंधी कार्यों को निपटा लेते हैं, लेकिन गिरिडीह विश्वविद्यालय से जुड़ने पर उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी।
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं
इस फैसले को लेकर छात्राओं और उनके अभिभावकों में भी चिंता की लहर है। लोगों का मानना है कि दूर विश्वविद्यालय होने से लड़कियों को अधिक समस्याएं होंगी। यात्रा का समय और खर्च बढ़ने से कई छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो सकती हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकार को कोई भी निर्णय लेने से पहले छात्रों की सुविधाओं और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति पर विचार करना चाहिए।
आंदोलन को तेज करने की चेतावनी
धरना दे रहे लोगों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि निर्णय को वापस नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे सड़कें भी जाम करेंगे और बड़े आंदोलन आयोजित करेंगे। छात्र संगठनों का कहना है कि वे किसी भी स्थिति में कोडरमा के कॉलेजों को VBU से अलग नहीं होने देंगे।
