जानिए सीएम हेमंत सोरेन ने विभागवार क्या दिए है निर्देश

by Aaditya HridayAaditya Hriday
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं का किया समीक्षा

रांची। झारखंड में चलाये जा रहे विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज राज्य के अधिकारियों और जिलों के उपायुक्तों के साथ बैठक की। प्रोजेक्ट भवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री विभागवार समीक्षा किये। विभि न्न विभागों की हुई समीक्षा में सीएम ने विभागवार कई निर्देश दिये हैं जो निम्न है :–

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ऊर्जा विभाग की समीक्षा के बाद सीएम ने दिए निर्देश
20 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलों के डीसी को एक ही जगह पर 60 से 100 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सरकार ने एक पेड़ लगाने पर 5 यूनिट बिजली निशुल्क देने की योजना का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। राज्य में किस फीडर से कितनी बिजली बेची जा रही है और कितना रेवेन्यू आ रहा है इसका आकलन किया जाए। बिजली बिल से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए ज्यादा संख्या में सर्टिफिकेट अफसर रखें और ज्यादा बकायेदारों से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करें।

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खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा की। इस दौरान धान अधिप्राप्ति, झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत 5 लाख नए राशन कार्ड वितरण, राशन कार्ड आधार सीडिंग, पीटीजी डाकिया योजना और गोदाम निर्माण योजना के प्रगति की जानकारी ली। विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को बताया गया कि कम बारिश और सूखे की स्थिति में इस वर्ष 8 लाख मीट्रिक टन धान उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को दिए निर्देश
किसान खुद निबंधन करा सके, इसके लिए राज्य भर में जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश । इस वर्ष अक्टूबर तक एक हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम निर्माण को लेकर जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश। यह निर्देश उन जिलों को दिया गया है, जिन्होनें गोदाम निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराया है। इस वर्ष 30 अक्टूबर तक शत प्रतिशत अनाजों का उठाव करने का निर्देश।

आईटीआई भवन को सीआरपीएफ अथवा आईआरबी से खाली कराया जाय
श्रम नियोजन प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान सीएम ने कहा कि राज्य के जिन आईटीआई भवन का इस्तेमाल सीआरपीएफ अथवा आईआरबी के द्वारा रहने के लिए किया जा रहा है। उन्हें खाली कराने का निर्देश.इसके अलावा सीआरपीएफ एवं आईआरबी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का भी उपायुक्तों को दिया गया निर्देश। निजी क्षेत्र में 40 हजार मासिक वेतन तक की नौकरियां स्थानीय युवाओं को देने के लिए बनाई गई नियमावली को अगले माह से लागू करने के निर्देश। जिला स्तर पर प्रवासी मजदूरों के लिए 10 लाख रुपए तक का फंड बनाया जाएगा। जिसमें किसी प्रवासी मजदूर की दुर्घटना में अगर मौत हो जाती है तो उसके आश्रितों को तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।

राजस्व निबंधन और भूमि सुधार विभाग की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने राजस्व, भूमि सुधार एवं निबंधन विभाग की दाखिल खारिज उत्तराधिकार नामांतरण, राजस्व संग्रहण और राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा कर अधिकारियों को कई निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने झारखंड में जमीन का सर्वे कराने की दिशा में विभाग ठोस कदम उठाए। उन्होंने इसके लिए अन्य राज्यों में जमीन के सर्वे के लिए अपनाई गई प्रक्रियाओं का अध्ययन का रिपोर्ट तैयार करें और उसके आधार पर राज्य में भी जमीन का सर्वे करने की दिशा में पहल करें।

दाखिल खारिज के मामले लंबित नहीं रहे
विभाग के द्वारा बताया गया कि राज्य में दाखिल खारिज के कुल 12 लाख 97 हजार 967 दाखिल खारिज के आवेदन आए। इसमें 5 लाख 84 हजार आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया। जबकि 6 लाख 42 हजार आवेदन रिजेक्ट किए गए। वर्तमान में 528 ऐसे आवेदन हैं जो 90 दिनों से ज्यादा समय से लंबित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दाखिल खारिज के मामलों का यथाशीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें

मुख्यमंत्री के निर्देश
दाखिल खारिज के मामले 90 दिनों से ज्यादा लंबित नहीं रहे। इसे सुनिश्चित किया जाय, सभी उपायुक्त इस पर विशेष ध्यान दें ।
रजिस्ट्री आधारित दाखिल खारिज हो, इसे सुनिश्चित करें।
उत्तराधिकार से जुड़े दाखिल खारिज के मामलों का यथाशीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए
विभाग की वेबसाइट पर अपलोड होने वाले दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।

अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग एवं कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग एवं कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि लाभुकों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सुलभता से लाभ मिले। इसके लिए कागजी प्रक्रिया को आसान बनाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रोजगार रोजगार सृजन योजना समेत अन्य योजनाओं में अगर गारंटर की जरूरत होती है, तो वैसे लोगों को गारंटर बनाएं जो उनके पहचान के हो ।

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा
राज्य में जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2024 तक 61 लाख घरों में नल के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके तहत अब तक 14 लाख घरों में नल के माध्यम से पेयजल आपूर्ति हो रही है । वहीं 9 लाख घरों में नल का कनेक्शन देने की योजना को स्वीकृति देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
जल सहिया को मानदेय देने के लिए जल जीवन मिशन और पंचायती राज व्यवस्था से राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया लगभग पूरी । जल सहिया को समय पर मानदेय मिले, इसके लिए सभी डीसी को दिए गए आवश्यक निर्देश।

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