अमीषा पटेल का ‘तेरे नाम’ से जुड़ा बड़ा खुलासा
नई दिल्ली। बॉलीवुड की प्रसिद्ध फिल्म तेरे नाम आज भी दर्शकों के दिलों में एक विशेष स्थान रखती है और इसे सलमान खान के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक माना जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस फिल्म के लिए पहली पसंद अमीषा पटेल थीं। हाल ही में अमीषा ने इस फिल्म को ठुकराने के पीछे की कहानी का खुलासा किया है।
फिल्म की अनिश्चितता ने बनाया मुश्किल समय
अमीषा पटेल ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब सलमान खान ने उन्हें तेरे नाम का प्रस्ताव दिया, तब फिल्म अपने प्रारंभिक चरण में थी। उस समय फिल्म का ढांचा पूरी तरह तैयार नहीं था और केवल कुछ गाने और एक बुनियादी कहानी का विचार ही मौजूद था। सलमान खान इस प्रोजेक्ट के प्रति बेहद उत्साहित थे और उन्होंने अमीषा को गाने भी सुनाए थे, जो उन्हें काफी पसंद आए। फिर भी, फिल्म के प्रति कई अनिश्चितताएं बनी रहीं।
अन्य प्रोजेक्ट्स में व्यस्तता
अमीषा के अनुसार, उस समय फिल्म का कोई निश्चित शेड्यूल नहीं था और न ही यह स्पष्ट था कि इसका निर्देशन कौन करेगा। प्रोजेक्ट कई बार टलता रहा और अलग-अलग निर्देशकों के नाम सामने आते रहे। ऐसे में एक कलाकार के रूप में उनके लिए यह तय करना मुश्किल हो गया कि वह इस अनिश्चित फिल्म के लिए अपनी अन्य फिल्में छोड़ दें। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही कई अन्य फिल्मों के लिए अपनी तारीखें दे दी थीं और अपने काम को लेकर पूरी तरह कमिटेड थीं।
एक बड़ा अवसर हाथ से गया
अमीषा ने यह भी स्वीकार किया कि जब अंत में फिल्म पूरी हुई और सतीश कौशिक ने इसका निर्देशन किया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उस समय तक वह अपने अन्य प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हो चुकी थीं और उनके पास इस फिल्म के लिए समय नहीं था। उन्होंने बताया कि अगर उस समय फिल्म के साथ एक निश्चित निर्देशक और तय शेड्यूल होता, तो वह इस मौके को हाथ से नहीं जाने देतीं।
अफसोस और करियर का मोड़
आज भी अमीषा को अपने इस फैसले पर अफसोस है, क्योंकि तेरे नाम बाद में एक कल्ट फिल्म बन गई। फिल्म में सलमान खान का राधे मोहन का किरदार और उनका खास हेयरस्टाइल युवाओं के बीच एक बड़ा ट्रेंड बन गया था। फिल्म का संगीत भी सुपरहिट रहा, जिसने इसे और अधिक लोकप्रिय बना दिया। अमीषा के इस रोल को ठुकराने के बाद यह मौका भूमिका चावला को मिला, जिन्होंने इसी फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखा और दर्शकों के बीच अपनी पहचान बना ली।
एक सबक
जब अमीषा इस फैसले को याद करती हैं, तो उन्हें लगता है कि यह उनके करियर का एक बड़ा मिस्ड अवसर था। यह कहानी एक बार फिर यह साबित करती है कि फिल्म इंडस्ट्री में सही समय पर लिया गया फैसला किस तरह किसी कलाकार की दिशा और पहचान को बदल सकता है।
