नशा कारोबारियों के नापाक मंसूबे पर जोबांग पुलिस ने फेरा पानी

उल्दाग में दो एकड़ भूमि पर लहलहा रहा अफीम की खेती को किया नष्ट, पटवन सामग्री जब्त।

किस्को/लोहरदगा। झारखंड के लोहरदगा जिला अंतर्गत अति सुदूरवर्ती एवं घोर उग्रवाद प्रभावित जोबांग थाना क्षेत्र में इन दिनों नशा के कारोबार बड़े जोरो पर किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। हालांकि सूचना मिलते ही तत्काल इसकी सत्यता कर जोबांग पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के द्वारा कार्रवाई की गई जिसमें जोबांग थाना क्षेत्र के ग्राम उल्दाग में लगभग दो एकड़ भूमि पर लहलहा रहा अफीम की खेती को जोबांग पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के संयुक्त नेतृत्व में नष्ट कर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि उल्दाग गांव के उत्तरी छोर पर स्थित नदी के समीप चारो ओर पहाडों से घिरा बीच जंगल में लगाया गया पोस्ता की खेती को नष्ट करने में सीआरपीएफ 158 बटालियन जी कंपनी के असिस्टेंट कमांडेंट रोशन कुमार किस्को अंचल पुलिस निरीक्षक मंटू कुमार जोबांग थाना प्रभारी शशि शेखर कुमार सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर उत्पल चक्रवर्ती कृषि पदाधिकारी शंकर प्रसाद के सामूहिक नेतृत्व में लगभग दो एकड़ भूमि पर लगाया गया पोस्ता की खेती को नष्ट किया गया।

बताते चलें कि नशा कारोबारियों के द्वारा उल्दाग की एक मसोमात बूढ़ी से गेहूं की खेती किये जाने की बात कहकर जमीन लेकर उक्त जमीन पर नशा के कारोबार को बढ़ावा दिये जाने की सूचना पाते ही जोबांग पुलिस हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए अफीम की खेती को नष्ट कर दिया। इधर जोबांग पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल जी कंपनी के द्वारा चलाये गये एंटी नार्कोटिक अभियान से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

सूत्रों के मुताबिक नशा कारोबारियों के द्वारा पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर उल्दाग में अफीम की खेती को बड़ा रूप देने और काली कमाई करने के उद्देश्य से लगाया गया पोस्ता की खेती को देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि क्षेत्र के लोगों में खौफ पैदा कर अफीम खेती के कारोबार को नशा कारोबारियों के द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा था। परंतु जोबांग पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिसिया कार्रवाई से नशा कारोबारियों के नापाक मंसूबे नाकाम साबित हुआ। इस संदर्भ में ग्रामीणों से बात करने पर गांव वाले काफी डरे सहमे दिखाई दे रहे थे कोई भी ग्रामीण कुछ बोलने से परहेज कर रहे थे। नशा कारोबारियों की इतनी धौंस थी कि लोग अफीम की खेती को लेकर किसी तरह का कोई भी प्रतिक्रिया देना उचित नहीं समझ रहे थे।

ज्ञात हो कि अफीम की खेती को गांव से बिजली का अवैध रूप से कनेक्शन कर लगभग एक किलोमीटर दूरी तक तार खींचकर पटवन किया जा रहा था। साथ ही पोस्ता की खेती का नियमित पटवन हेतु दो मशीन, डिलीवरी पाइप सैक्सन पाइप और खेत के उत्तरी छोर पर जाल से घेराबंदी किया गया था जिसे पुलिस ने जब्त कर आगे की कार्यवाही में जुट गई है। बात जो भी हो लेकिन लोहरदगा जिले के घोर उग्रवाद प्रभावित जोबांग थाना क्षेत्र के ग्राम उल्दाम में फल फूल रहा अफीम की खेती को नष्ट कर लोहरदगा पुलिस और सीआरपीएफ पुलिस बड़ी उपलब्धि हासिल करने में कामयाबी पाई है। इधर जोबांग थाना क्षेत्र के ग्राम उल्दाग में लगाई गई अफीम की खेती को नष्ट किये जाने के दौरान सीआरपीएफ 158 बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट रौशन कुमार किस्को अंचल पुलिस निरीक्षक मंटू कुमार थाना प्रभारी शशि शेखर कुमार ग्राम पंचायत देवदरिया के मुखिया कामिल तोपनो, राजस्व कर्मचारी अली अहमद सलीम, अंचल अमीन नौशाद आलम सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद थे।

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