झारखंड ने वित्तीय प्रबंधन में हासिल की बड़ी सफलता
रांची: झारखंड ने वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की है। नीति आयोग द्वारा जारी वित्तीय वर्ष 2023-24 के वित्तीय स्वास्थ्य सूचकांक में राज्य ने देश के शीर्ष तीन राज्यों में अपनी जगह बनाई है। इस प्रदर्शन के आधार पर झारखंड को ‘अचीवर’ श्रेणी में रखा गया है, जिसमें ओडिशा और गोवा भी शामिल हैं।
वित्तीय अनुशासन और आय वृद्धि की रणनीति
राज्य की इस सफलता के पीछे सरकार की वित्तीय अनुशासन और आय बढ़ाने की रणनीति महत्वपूर्ण रही है। झारखंड ने अपने कुल राजस्व में कर से प्राप्त आय का हिस्सा 60 प्रतिशत से अधिक बनाए रखा है। इसके साथ ही, गैर-कर राजस्व को बढ़ाने के लिए भी सकारात्मक प्रयास किए गए हैं। सरकार ने वित्तीय घाटे को निर्धारित सीमा के भीतर रखते हुए, वित्तीय घाटे को जीएसडीपी के 3 प्रतिशत से नीचे बनाए रखने में सफलता प्राप्त की है।
विकास कार्यों पर ध्यान और पूंजीगत खर्च
विकास कार्यों पर लगातार ध्यान देते हुए, राज्य ने पूंजीगत खर्च को जीएसडीपी के लगभग 4 से 5 प्रतिशत के स्तर पर बनाए रखा है। इस कदम ने सड़क, भवन, और अन्य आधारभूत ढांचे के विकास को गति प्रदान की है। कर्ज प्रबंधन के क्षेत्र में भी झारखंड की स्थिति मजबूत रही है। राज्य का कुल कर्ज जीएसडीपी के 25 प्रतिशत से कम रहा, और ब्याज भुगतान का बोझ भी नियंत्रित रखा गया है।
भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड का यह वित्तीय प्रदर्शन आने वाले वर्षों में राज्य के विकास को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। वित्तीय प्रबंधन में मिली इस सफलता से झारखंड की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।
