रांची : झारखंड के अलग राज्य के निर्माण की मांग को लेकर आंदोलनकारी एक बार फिर सड़कों पर उतर आए हैं। बुधवार को ‘झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा’ के तत्वावधान में बड़ी संख्या में लोग राजधानी रांची में एकत्रित हुए। इनका उद्देश्य मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करना था। आंदोलनकारी अपनी पहचान, सम्मान, पेंशन और अन्य लंबित मांगों को लेकर आवाज उठा रहे थे। जैसे ही प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े, पुलिस और प्रशासन ने उन्हें मोहराबादी क्षेत्र में रोक दिया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, क्षेत्र छावनी में तब्दील
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा उपायों को सख्त कर दिया था। मुख्यमंत्री आवास और उसके आसपास के सभी मार्गों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। मोहराबादी मैदान से लेकर सीएम आवास तक जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने संभाली थी।
मोहराबादी में धरना प्रदर्शन
जब पुलिस ने आंदोलनकारियों को आगे बढ़ने से रोका, तो वे वहीं मोहराबादी में सड़क पर बैठ गए और धरना देने लगे। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। माहौल को नियंत्रित रखने के लिए मौके पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP) और SIRB की कई टीमें तैनात की गई थीं।
इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, पानी के टैंकर और आंसू गैस की टीमें भी तैयार रखी गई थीं। प्रशासन ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और वे सभी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
सरकार पर गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान, झारखंड आंदोलनकारी नेता पुष्कर महतो ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि झारखंड के विभिन्न जिलों से हजारों आंदोलनकारी अपनी आवाज उठाने के लिए रांची आ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें कई स्थानों पर रोक दिया। महतो ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है, जो उनके अधिकारों का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि जिन आंदोलनकारियों ने झारखंड राज्य के निर्माण के लिए वर्षों संघर्ष किया, लाठियां खाईं और कई ने अपनी जान दी, उनकी मांगों को वर्तमान सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है।
आंदोलन को तेज करने की चेतावनी
आंदोलनकारी नेता पुष्कर महतो ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने बताया कि अपनी मांगों पर अड़े 17 आंदोलनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
महतो ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि भूख हड़ताल के दौरान किसी प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ती है या कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
