झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर चिंता
झारखंड में एंबुलेंस की कमी के कारण गरीब, आदिवासी, दलित और असहाय मरीजों को अस्पताल पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप कई मरीजों की रास्ते में ही मृत्यु हो जाती है। इस गंभीर समस्या पर राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान नहीं है, और उनका ध्यान विवादित बयानों की ओर है।
स्वास्थ्य मंत्री के बयान
स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत झारखंड में भेजे गए धन का गलत तरीके से उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आवश्यक स्वास्थ्य सामग्री की आपूर्ति बिना टेंडर के अपने नजदीकी लोगों की फर्जी कंपनियों को दी जा रही है, जिससे घोटाले की आशंका जताई जा रही है।
प्रतिक्रिया और मांगें
दीपक प्रकाश ने इस मुद्दे पर कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रत्येक पैसे का हिसाब देना आवश्यक है, क्योंकि यह गरीबों का धन है। उन्होंने इस योजना में हो रहे घोटालों की जांच के लिए ईडी और सीबीआई से कार्रवाई करने की मांग की है।