झारखंड में रामदेव उरांव ने किया आत्मसमर्पण
रांची : झारखंड के कुख्यात झांगुर गिरोह के प्रमुख रामदेव उरांव ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। उनके साथ गिरोह के दो अन्य सदस्य, प्रसाद उरांव और सुबास उरांव, भी हथियारों के साथ सरेंडर हुए। यह आत्मसमर्पण रांची और गुमला जिले की पुलिस की संयुक्त टीम के सामने हुआ।
गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई
रांची के ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने बताया कि 30 मई को रांची एसएसपी राकेश रंजन को गुप्त सूचना मिली थी कि रामदेव उरांव और उसके साथी रांची-गुमला सीमा क्षेत्र में मौजूद हैं और आत्मसमर्पण करने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के बाद रांची ग्रामीण एसपी के निर्देश पर बेड़ो के डीएसपी दीपक कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। गुमला पुलिस को भी इस संबंध में जानकारी प्राप्त हुई, जिसके बाद दोनों जिलों की पुलिस ने एक संयुक्त अभियान चलाया।
रामदेव उरांव का आपराधिक इतिहास
रामदेव उरांव, जो झांगुर गिरोह का सरगना है, पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है। उसके खिलाफ गुमला सहित विभिन्न जिलों में हत्या, अपहरण, रंगदारी, लूट, अवैध हथियार रखने और आपराधिक साजिश के लगभग 29 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसके खिलाफ पांच लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
आत्मसमर्पण के दौरान बरामदगी
आत्मसमर्पण के समय पुलिस ने तीनों अपराधियों के पास से दो ऑटोमैटिक हथियार, जिनमें एक एसएलआर राइफल शामिल है, बरामद किए। इसके साथ ही, दो मैगजीन और 45 जिंदा गोलियां भी मिलीं।
अपराधों में संलिप्तता
रामदेव उरांव का नाम पिछले दो दशकों में कई गंभीर आपराधिक घटनाओं में आया है। उसके खिलाफ दर्जनों मामले हैं, जिनमें हत्या, अपहरण, रंगदारी, और अवैध हथियार रखने के आरोप शामिल हैं। उसके साथ आत्मसमर्पण करने वाले प्रसाद उरांव और सुबास उरांव पर भी हत्या और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले दर्ज हैं।
संयुक्त पुलिस अभियान की सफलता
इस सफल अभियान में रांची और गुमला पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही। अभियान का नेतृत्व बेड़ो के डीएसपी दीपक कुमार ने किया। टीम में बेड़ो थाना और घाघरा थाना के पुलिस अधिकारी तथा दोनों जिलों के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
