रांची में बिजली पोल से हटाए जा रहे अवैध केबल
झारखंड बिजली वितरण निगम ने रांची में बिजली के खंभों पर नियमों के खिलाफ लगाए गए टेलीकॉम ऑप्टिकल फाइबर और टीवी केबल को हटाने की कार्रवाई आरंभ कर दी है। यह कार्य बुधवार से शुरू हुआ, जिसके परिणामस्वरूप रांची के कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हुई हैं। नागरिकों को मोबाइल इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाओं में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, विशेषकर एयरटेल और बीएसएनएल के उपभोक्ताओं को। कई स्कूल, अस्पताल और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों की इंटरनेट सेवाएं बाधित हो गई हैं, जिससे बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन में भी समस्या उत्पन्न हो रही है।
बिजली विभाग की चिंता
बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के लगाए गए केबल न केवल बिजली व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं। कई स्थानों पर केबलों का जाल इस तरह फैला हुआ है कि यह बिजली के खंभों और तारों पर अतिरिक्त भार डाल रहा है। विभाग ने बताया कि इस प्रक्रिया में उन टेलीकॉम कंपनियों के केबल भी काटे जा रहे हैं, जिनके पास विधिवत अनुमति है। जानकारी के अनुसार, जियो ने झारखंड में लगभग एक लाख और एयरटेल ने कुछ हजार पोलों पर केबल लगाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति ले रखी है।
हाईकोर्ट का आदेश
झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने रांची में बिजली के खंभों पर बेतरतीव ढंग से लगे केबलों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाया। इस पर उन्होंने स्वतः संज्ञान लिया और सुनवाई के बाद बिजली के खंभों पर लगे टेलीकॉम केबल और अन्य तारों को हटाने का आदेश दिया। बिजली वितरण निगम ने टेलीकॉम कंपनियों को कई बार नोटिस जारी किए। अंतिम बार 13 अगस्त तक केबलों को दुरुस्त कर लेने या हटाने का निर्देश दिया गया था। जब कंपनियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो अब केबलों को काटकर हटाने की कार्रवाई की जा रही है।





