गुमला: झारखंड के गुमला जिले के भरनो थाना क्षेत्र में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के हॉस्टल से एक दुखद घटना सामने आई है। बुधवार की सुबह, 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली 15 वर्षीय छात्रा प्रियंका कुमारी ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया है। प्रियंका के परिवार ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रियंका बूढ़ी पाठ तेतर टोली की निवासी थी और चैतू उरांव की बेटी थी।
पेट दर्द की बात कहकर छात्रा ने कमरे में रुकने का किया फैसला
हॉस्टल की वार्डन, दिव्या टोप्पो के अनुसार, बुधवार सुबह जब सभी छात्राओं को पीटी के लिए जाना था, तब प्रियंका ने पेट दर्द की शिकायत की और कमरे में रुक गई। जब अन्य छात्राएं बाहर चली गईं, तो उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया और दुपट्टे के सहारे फंदा लगा लिया। कुछ समय बाद, जब अन्य लोग वहां पहुंचे, तो दरवाजे के नीचे से प्रियंका के पैर लटकते हुए दिखाई दिए। तत्परता से दरवाजा तोड़कर लोग अंदर गए और तुरंत पुलिस को सूचित किया।
प्रियंका की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए गए
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। हॉस्टल की अन्य छात्राओं ने पुलिस को बताया कि प्रियंका पिछले कुछ दिनों से काफी गुमसुम और उदास थी, लेकिन उसने अपनी परेशानियों के बारे में किसी से बातचीत नहीं की। प्रियंका के पिता, चैतू उरांव ने घटना पर गहरे सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनकी बेटी के पेट में सच में दर्द था, तो वह फांसी लगाने के लिए फंदा तैयार कैसे कर सकती थी। उन्होंने पुलिस से इस मामले की गहन जांच की मांग की है। फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह का पता चलेगा।
