मुझे मेरी बेटी को लौटा दो…
नौ माह से गुहार लगा रही मां

कहा- सीएम हाउस के सामने कर लूंगी आत्मदाह
गांव के दबंग ने पारा शिक्षिका की नाबालिग बेटी को कर रखा है किडनैप


रांची । झारखंड में कानून का राज खत्म होता जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण हजारीबाग के बड़कागांव के गोन्दलपुरा गांव में देखने को मिला है। यहां की पारा शिक्षिका गीता महतो की 15 वर्षीय नाबालिग बेटी को गांव के ही दबंग मुखिया बासुदेव यादव व उसके बेटे करण यादव ने फरवरी से अबतक चार बार किडनैप कर अभी भी अपने कब्जे में रखा हुआ है। गीता के पति गुजरात में मजदूरी करते हैं। अपनी बेटी को दबंग के चंगुल से निकालने के लिए गीता पिछले नौ महीने में थाना से लेकर एसपी-डीसी तक न्याय मांग-मांग अब थक चुकी है।


थाना में चलती है दबंग की हुकूमत


18 फरवरी को बासुदेव यादव व करण यादव ने पहली बार गीता की बेटी नंदनी को किडनैप किया था। हालांकि, तब दबाव में उसे थाने में हाजिर करा दिया। तब से अबतक चार बार अलग-अलग समय में नंदनी को उसने उठा लिया। एक बार तो हजारीबाग रिमांड होम से ले गया। दबंग होने के कारण स्थानीय थाने में बासुदेव यादव की हुकूमत चलती है।


अब मुख्यमंत्री ही हैं गीता की आखिरी उम्मीद


थाना-पुलिस से थक हारकर गीता महतो अपनी फरियाद लेकर रांची सीएम हाऊस पहुंची, जहां आवेदन देकर उन्होंने दबंग से अपनी बेटी की जान बचाने की गुहार लगाई है। अपने आवेदन में गीता महतो ने लिखा है कि वे हजारीबाग डीसी-एसपी आॅफिस से बड़कागांव थाना तक का चक्कर काट-काट कर थक चुकी हैं। उनको डर है कि बासुदेव यादव उनकी बेटी की हत्या करवा देगा। गांव के दबंग की दबंगई से उनके परिवार की पूरी प्रतिष्ठा तो बर्बाद हो ही चुकी है, लेकिन उनको सीएम से भी यदि न्याय नहीं मिलेगा तो चेताया है कि मुख्यमंत्री आवास के सामने आकर वह अपने पूरे परिवार के साथ आत्मदाह कर लेंगी।

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