घाटशिला में जल संकट का सामना कर रहे बासाडेरा के ग्रामीण
घाटशिला: झारखंड के घाटशिला प्रखंड के कालचित्ति पंचायत अंतर्गत बासाडेरा गांव में सरकारी जलापूर्ति व्यवस्था के खराब होने से ग्रामीणों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, गैर सरकारी संस्था आरडीए द्वारा स्थापित नल ही उनकी पेयजल आवश्यकताओं के लिए एकमात्र सहारा बने हुए हैं।
सरकारी जलमीनार की स्थिति
ग्रामीणों ने जानकारी दी कि बीएसएनएल टॉवर के पास स्थित जलमीनार को स्वच्छता विभाग ने लगभग तीन से चार साल पहले बनवाया था। हालांकि, यह जलमीनार एक साल के भीतर ही खराब हो गया, और तब से यह उपयोग में नहीं आ रहा है।
जल स्रोतों की समस्या
बासाडेरा गांव पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जिसके कारण यहाँ खेतों की कमी और पहाड़ी जमीन की अधिकता है। ग्रामीणों का कहना है कि जो भी चापाकल लगाए जाते हैं, या तो उन्हें जल स्तर नहीं मिलता या फिर पानी कुछ ही महीनों में समाप्त हो जाता है। परिणामस्वरूप, उपर टोला और नीचे टोला में अधिकांश चापाकल खराब हो चुके हैं।
आरडीए की भूमिका
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 10 से 12 साल पहले आरडीए संस्था ने नीचे टोला और उपर टोला के लिए धारागिरी फॉल से पाइपलाइन के माध्यम से पानी की आपूर्ति शुरू की थी। इस व्यवस्था के तहत गांव के विभिन्न स्थानों पर नल भी लगाए गए थे, जिनसे ग्रामीण सभी मौसमों में पानी का उपयोग कर सकते हैं। गर्मी के दिनों में जल स्रोतों की कमी के बावजूद, नल से जल आपूर्ति जारी रहती है।
ग्रामीणों की चिंता
ग्रामीणों का मानना है कि अगर आरडीए संस्था द्वारा नल की व्यवस्था नहीं की जाती, तो उन्हें बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ता। इस स्थिति में, बासाडेरा के लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी दैनिक जिंदगी प्रभावित हो रही है।
