नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों एक नया विवाद उठ खड़ा हुआ है। पूर्व मुख्य चयनकर्ता और मशहूर ओपनर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने मौजूदा मुख्य कोच गौतम गंभीर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
श्रीकांत का कहना है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट से जबरदस्ती संन्यास लेने के लिए प्रेरित किया गया है। यह विवाद तब और गरमा गया जब दक्षिण अफ्रीका ने भारत को अपने घर में 3-0 से हराया।
श्रीकांत का गंभीर पर आरोप
श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल ‘चीकी चीका’ पर इन मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि गौतम गंभीर की पुरानी टिप्पणियों और कोच बनने के बाद के बयानों ने स्पष्ट कर दिया है कि रोहित और विराट को टीम से बाहर करने की योजना पहले से थी। श्रीकांत ने कहा, “दुनिया नहीं भूली है कि गंभीर ने कमेंट्री में क्या कहा था। अब वही बातें कोच बनकर लागू कर रहे हैं।”
खुलासे का सिलसिला
पूर्व चयनकर्ता ने उल्लेख किया कि “जब इंग्लैंड दौरे की बात चल रही थी, तब रोहित और विराट दोनों खेलना चाहते थे। विराट ने दिल्ली रणजी टीम के कोच सरनदीप सिंह से कहा था कि वह घरेलू क्रिकेट में 4-5 शतक बनाकर फॉर्म में लौटना चाहते हैं।
रोहित के बारे में बात करते हुए श्रीकांत ने कहा, “रोहित ने भी एक पॉडकास्ट में इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए तैयारी करने की बात कही थी। फिर भी अचानक दोनों ने संन्यास ले लिया। उनके ऊपर दबाव बनाया गया।”
शुभमन गिल के कप्तान बनने का इरादा
श्रीकांत ने यह भी बताया कि रोहित और विराट को स्पष्ट रूप से समझा दिया गया था कि अब शुभमन गिल को टेस्ट टीम का कप्तान बनाया जाएगा। इसके बाद ही दोनों ने संन्यास लेने का निर्णय लिया।
श्रीकांत का कहना है कि उन्होंने खुद सुझाव दिया था कि विराट को कुछ समय तक कप्तानी सौंपी जाए ताकि टीम में स्थिरता लाई जा सके और फिर नए खिलाड़ियों को अवसर दिया जाए। हालांकि, उनकी इस सलाह को नजरअंदाज कर दिया गया।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद की बातें
दक्षिण अफ्रीका से 0-3 की हार के बाद गौतम गंभीर ने कहा था कि यह एक युवा टीम है और बदलाव का दौर चल रहा है। उन्हें बड़े खिलाड़ियों की कमी का अहसास नहीं हो रहा।
श्रीकांत को यह बयान कष्टकारी लगा। उन्होंने कहा कि गंभीर को अपनी गलतियों को स्वीकार करना चाहिए। अक्षर पटेल को टीम से बाहर रखना भी गलत निर्णय था।
