झारखंड में डिजिटल वित्तीय प्रबंधन के लिए नई पहल
रांची: झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) और इंडियन बैंक के बीच आज एक महत्वपूर्ण गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए। यह समझौता क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLFs) के लिए एक अत्याधुनिक पेमेंट गेटवे एप्लीकेशन के विकास को लेकर है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को अधिक डिजिटल, सुरक्षित, और जवाबदेह बनाना है। उल्लेखनीय है कि यह पहल देश में अपनी तरह की पहली है, जिससे झारखंड स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन CLF स्तर पर इस तरह का पेमेंट गेटवे विकसित करने वाला एकमात्र राज्य बन गया है।
वित्तीय लेन-देन के लिए सुरक्षित प्रणाली
यह MoU JSLPS के मुख्य परिचालन पदाधिकारी बिष्णु चरण परिदा और इंडियन बैंक के क्षेत्र महाप्रबंधक महेंद्र बाजपेयी द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। इस साझेदारी के तहत, इंडियन बैंक द्वारा विकसित पेमेंट गेटवे एप्लीकेशन के माध्यम से CLFs, VOs, SHGs, विक्रेताओं और कैडरों के बीच सुरक्षित और रियल-टाइम डिजिटल लेन-देन का प्रावधान किया जाएगा।
सुविधाओं की विस्तृत श्रृंखला
इस प्रणाली में मेकर-चेकर-अप्रूवर आधारित अनुमोदन प्रक्रिया, डिजिटल सिग्नेचर (DSC), बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, रियल-टाइम ट्रांजैक्शन ट्रैकिंग, और MIS रिपोर्टिंग जैसी विशेषताएं शामिल होंगी। इसके अतिरिक्त, PFMS, eFMS, LokOS और Swalekha जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकरण की सुविधा भी उपलब्ध होगी। राज्य से CLF स्तर तक भूमिका-आधारित (Role-based) एक्सेस सुनिश्चित किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में इस प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट 6 CLFs में लागू किया जाएगा, जिसमें ऋण वितरण और भुगतान से संबंधित लेन-देन शामिल होंगे।
महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए अवसर
इस पायलट के सफल क्रियान्वयन के बाद, इसे विस्तार देते हुए सभी प्रकार के वित्तीय लेन-देन को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर JSLPS के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंडियन बैंक, कॉर्पोरेट कार्यालय चेन्नई के महाप्रबंधक अन्बु कामराज पी, अंचल प्रबंधक राजेश शरण, अमित जैन, कार्यक्रम प्रबंधक JSLPS पूर्णिमा मुखर्जी और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह पहल झारखंड में ग्रामीण वित्तीय तंत्र को डिजिटल रूप से सशक्त करने के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण को भी नई दिशा प्रदान करेगी।
