देवघर: झारखंड के देवघर में स्थित AIIMS राज्य का एकमात्र एम्स है, जो प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के तहत कार्यरत है। यहां लोगों को न केवल आधुनिक और विश्वस्तरीय उपचार मिल रहा है, बल्कि यह संस्थान मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। विशेष रूप से पिछड़े संताल परगना क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी राहत का साधन बन गया है।

2019 से लगातार बढ़ रही सेवाएं

एम्स देवघर में पहली बार सितंबर 2019 में OPD सेवा का शुभारंभ हुआ। इसके बाद, 2022 में IPD (इन-पेशेंट डिपार्टमेंट) की शुरुआत की गई। वर्तमान में यहां 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं भी उपलब्ध हैं। प्रतिदिन 2000 से अधिक मरीज OPD में उपचार कराने के लिए आते हैं। यह संस्थान सिर्फ चिकित्सा सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी लगातार प्रगति कर रहा है। अब तक यहां से 50 डॉक्टर अपनी शिक्षा पूरी करके देश को अपनी सेवाएं प्रदान कर चुके हैं।

जुलाई से शुरू होगी M.Sc मेडिकल की पढ़ाई

एम्स देवघर इस सत्र में एक और महत्वपूर्ण शुरुआत करने जा रहा है। जुलाई से यहां पहली बार M.Sc मेडिकल कोर्स की पेशकश की जाएगी। इसमें कुल 5 विषय शामिल होंगे:

  • मेडिकल माइक्रो बायोलॉजी
  • एनाटॉमी
  • फिजियोलॉजी
  • बायोकेमेस्ट्री
  • फार्माकोलॉजी

प्रत्येक विषय में 2-2 सीटों पर नामांकन किया जाएगा।

MBBS और नर्सिंग की पढ़ाई पहले से जारी

वर्तमान में यहां MBBS की 125 सीटों पर पढ़ाई हो रही है। इसके साथ ही, B.Sc नर्सिंग की 60 सीटों पर भी प्रवेश प्रक्रिया जारी है। पीएचईडी (Public Health Education) में पहले 10 सीटें थी, जिन्हें बढ़ाकर 22 किया गया है। प्रवेश परीक्षा नीट के माध्यम से होती है। एम्स देवघर में एक इन-हाउस सेंट्रल लैब भी स्थापित की जा चुकी है, जहां कैंसर, बायोप्सी, टीबी और ELISA टेस्ट जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि मरीजों को एक ही स्थान पर सैंपल देने और रिपोर्ट प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है।

बड़े स्तर पर इलाज की सुविधा

यहां जनरल मेडिसिन, न्यूरो, ऑर्थो, कार्डियोलॉजी, स्त्री रोग, बाल रोग (Pediatrics), डर्मेटोलॉजी और ENT जैसे विभिन्न विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टर उपचार प्रदान कर रहे हैं। एम्स देवघर न केवल झारखंड के नागरिकों को बल्कि बिहार के सीमावर्ती 8 जिलों के मरीजों को भी इलाज की सुविधा दे रहा है। प्रशासन का मानना है कि भविष्य में यह संस्थान चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।