नई दिल्ली: अभी हाल में एशेज सीरीज में इंग्लैंड को मिली बड़ी हार के बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ऑस्ट्रेलिया में खेली गई 5 मैचों की इस एशेज सीरीज में इंग्लैंड ने केवल एक टेस्ट मैच जीतकर, 4-1 से हार का सामना करना पड़ा। इस निराशाजनक परिणाम के बाद इंग्लैंड ने आगामी एशेज सीरीज को लेकर कुछ बड़ा फैसला लिया है।
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डे-नाइट यानी पिंक बॉल टेस्ट खेलने से मना करने की तैयारी में है। रिपोर्ट के अनुसार, ECB इस फॉर्मेट को आगामी एशेज सीरीज में शामिल नहीं करने की सोच रहा है, क्योंकि उनका मानना है कि एशेज जैसी प्रतिष्ठित सीरीज को पारंपरिक रेड बॉल टेस्ट के साथ ही खेला जाना चाहिए।
ब्रिसबेन टेस्ट बना वजह
पिछली एशेज सीरीज में ब्रिसबेन के गाबा मैदान पर खेले गए डे-नाइट टेस्ट ने इंग्लैंड को बहुत निराश किया था। इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड पर पूरी तरह से दबदबा बनाते हुए जीत हासिल की थी, जिसके चलते इंग्लैंड सीरीज में 0-2 से पीछे हो गया था। माना जा रहा है कि इस हार ने इंग्लैंड की पिंक बॉल टेस्ट के प्रति सोच को बदल दिया।
टेस्ट क्रिकेट की पहचान बचाने की चिंता
ECB और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के बीच हुई वार्ता में टेस्ट क्रिकेट की गुणवत्ता और उसकी पहचान को बनाए रखने पर खास जोर दिया गया। इंग्लैंड का मानना है कि डे-नाइट टेस्ट मैच खेल को ज्यादा रोमांचक नहीं बना पाए हैं, और यदि टेस्ट क्रिकेट का पारंपरिक आकर्षण घटता है, तो यह भविष्य के लिए चिंताजनक हो सकता है।
खास मौके पर डे-नाइट टेस्ट को मंजूरी
हालांकि इंग्लैंड ने पिंक बॉल टेस्ट से दूरी बनाने का फैसला किया है, लेकिन एक विशेष मौके पर अपवाद बनाने का विचार है। वर्ष 2027 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर एशेज के पहले टेस्ट की 150वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी, और इस ऐतिहासिक मौके पर डे-नाइट टेस्ट की योजना पहले से ही बनाई जा चुकी है।
पिंक बॉल से ब्रॉडकास्ट को फायदा
कई पूर्व क्रिकेट खिलाड़ियों और विशेषज्ञों का मानना है कि पिंक बॉल टेस्ट से टीवी ब्रॉडकास्ट को कुछ लाभ हो सकता है, लेकिन खेल की गुणवत्ता पर इसका प्रभाव नहीं पड़ा है। यही कारण है कि कुछ दिग्गज क्रिकेटर रेड बॉल टेस्ट की ओर लौटने की सलाह दे रहे हैं।
