सरायकेला में जंगली हाथियों का बढ़ता आतंक
सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक बढ़ता जा रहा है। हाल ही में तिरुलडीह-2 पंचायत के लावा गांव में एक जंगली हाथी के हमले में 60 वर्षीय चंपा सिंह मुंडा की मौत हो गई। यह घटना गुरुवार रात की है, जब चंपा अपने घर में सो रही थीं। अचानक घर के आसपास हलचल और आहट से उनकी नींद खुल गई। अनुमान है कि हाथी के पास आने पर वह घबरा गईं। हाथी ने घर की दीवार तोड़कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय ग्रामीण घटना के बाद से दहशत में हैं, और बताया जा रहा है कि पिछले तीन महीनों में चांडिल वन क्षेत्र में हाथियों के हमले में सात लोगों की जान चली गई है।
ग्रामीणों में भय और स्थायी समाधान की आवश्यकता
हाथियों के लगातार हमलों से ईचागढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही उन्हें हाथियों के गांव में घुसने का डर सताता है। इस कारण लोग अपने घरों में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से अपील की है कि हाथियों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए। इसके साथ ही मानव-हाथी संघर्ष की समस्या का स्थायी समाधान खोजने की मांग की गई है, ताकि लोग बिना किसी भय के अपने दैनिक जीवन को जी सकें।
