कोयला चोरी और अवैध खनन के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने हाल ही में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए लगभग 1,798.725 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया है। जब्त किए गए कोयले की अनुमानित कीमत लगभग 1.08 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, 84 वाहनों को भी जब्त किया गया है, जो कोयले की तस्करी में प्रयुक्त हो रहे थे, और 21 मामलों में शिकायतें दर्ज की गई हैं।

गृह मंत्रालय की समीक्षा के बाद तेज छापेमारी, 1800 टन अवैध कोयला पकड़ा

यह कार्रवाई गृह मंत्रालय के ‘जीरो कोल लीकेज’ अभियान के अंतर्गत की गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 5 जुलाई को आयोजित समीक्षा बैठक के बाद, CISF ने कोयला क्षेत्रों में निगरानी और छापेमारी को तेज कर दिया है। सबसे अधिक 1,063.91 मीट्रिक टन कोयला बीसीसीएल (धनबाद) से बरामद किया गया। इसके अलावा, ईसीएल (शीतलपुर) से 450.13 मीट्रिक टन और सीसीएल तथा सीएमपी(एच) (रांची) क्षेत्र से 284.715 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया गया। इस प्रकार, कुल लगभग 1800 टन अवैध कोयला पकड़ा गया है।

जीरो कोल लीकेज का अभियान जारी

CISF के अनुसार, कोयला तस्करी में केवल हाईवा ट्रकों का ही नहीं, बल्कि मॉडिफाइड मोटरसाइकिलों का भी इस्तेमाल किया जा रहा था, जिनके माध्यम से छोटे रास्तों से कोयला ले जाया जाता था। जब्त किए गए वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है।

इस अभियान के दौरान मानव खुफिया जानकारी, CCTV निगरानी, और कोयले की रियल-टाइम मॉनिटरिंग का उपयोग किया गया। अधिकारियों का कहना है कि MMDR अधिनियम के तहत मिली नई वैधानिक शक्तियों की वजह से अब अवैध खनन और कोयला चोरी के मामलों में सीधे कार्रवाई करना आसान हो गया है।

CISF के महानिदेशक ने बताया कि कोयला कंपनियों, स्थानीय प्रशासन और अन्य एजेंसियों के सहयोग से ‘जीरो कोल लीकेज’ अभियान को आगे भी सख्ती से जारी रखा जाएगा, ताकि देश के खनिज संसाधनों को संगठित तस्करी से सुरक्षित रखा जा सके।