पाकुड़ में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और धांधली के खिलाफ आवाज उठाते हुए छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ के तहत शनिवार को पाकुड़ का दौरा किया। नगर के सिदो-कान्हू मुर्मू पार्क के निकट उनके पहुंचने पर स्थानीय छात्रों और युवाओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर जेएलकेएम नेता मार्क बास्की समेत बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। पार्क परिसर में आयोजित सभा में देवेंद्र महतो ने राज्य की मौजूदा भर्ती प्रणाली पर सवाल उठाते हुए सरकार को चेतावनी दी।
‘24 जिला-24 संकल्प’ के साथ बदलाव की शुरुआत
देवेंद्र महतो ने सभा में छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी यह यात्रा दिशोम गुरु शिबू सोरेन की धरती नेमरा से प्रारंभ हुई है और पाकुड़ इस अभियान का आठवां स्थान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी विशेष व्यक्ति या दल के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक झारखंड के युवाओं को उनका वाजिब हक नहीं मिलता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
नौकरियों की खरीद-बिक्री के गंभीर आरोप
छात्र नेता ने राज्य में विभिन्न पदों पर, जैसे कि सिपाही, शिक्षक, दारोगा, और उच्च प्रशासनिक पदों जैसे जेपीएससी, बीडीओ, सीओ और डीएसपी में 60 से 70 प्रतिशत सीटों की बिक्री का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “गरीब माता-पिता के बच्चे वर्षों तक कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण उनके सपने चूर हो रहे हैं। अब छात्रों का धैर्य खत्म हो चुका है।”
छात्र आंदोलन का प्रभाव, 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई का दावा
देवेंद्र महतो ने बताया कि रांची में छात्रों के बड़े आंदोलन, भूख हड़ताल और विधानसभा घेराव के दबाव के चलते सरकार को 45 परीक्षाओं पर ध्यान देना पड़ा। उन्होंने कहा कि सीआईडी जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद 22 परीक्षाएं रद्द की गईं, 17 परीक्षाओं में जांच शुरू की गई और छह पर रोक लगाई गई। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के मामले में हालिया गिरफ्तारियों को छात्र एकता की बड़ी जीत बताया गया।
बड़े अधिकारियों और रसूखदारों पर कार्रवाई की मांग
देवेंद्र महतो ने यह भी मांग की कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई केवल छोटे आरोपियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। यदि किसी बड़े अधिकारी, आईएएस अधिकारी या मंत्री का नाम इस मामले में आता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मांगें पूरी न होने पर झारखंड बंद की चेतावनी
देवेंद्र महतो ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय और पारदर्शी नियोजन नीति लागू नहीं की गई और पेपर लीक पर रोक नहीं लगी, तो छात्र समुदाय पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन चक्का जाम और पूर्ण ‘झारखंड बंद’ करने को मजबूर होगा।



