देवघर/दुमका: झारखंड में आयोजित होने वाले विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले 2026 की तैयारी में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जा रहा है। यह मेला 30 जुलाई से शुरू होकर एक महीने तक चलेगा, जिसमें श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। देवघर और दुमका जिलों में 11,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित ड्रोन, चेहरे की पहचान करने वाले कैमरे, स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली और हजारों सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
हर साल श्रावण मास के दौरान देश-विदेश से 35 से 40 लाख श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम और बाबा बासुकीनाथ धाम में जलार्पण और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और भी तकनीकी रूप से उन्नत बनाया गया है।
देवघर में एआई आधारित निगरानी से सुरक्षा
देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के अनुसार, पूरे शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 100 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। हजारों सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से प्रमुख मार्गों और मंदिर क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी।
मंदिर परिसर और इसके आसपास एआई आधारित ड्रोन की सहायता से लगातार निगरानी की जाएगी। साथ ही, विशेष चेहरे पहचान करने वाले कैमरे भी लगाए जाएंगे, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत ध्यान दिया जा सके। बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर परिसर और उसके आसपास 1,200 से अधिक सुरक्षाकर्मी विशेष रूप से तैनात रहेंगे।
एआई कंट्रोल रूम और आधुनिक यातायात प्रबंधन प्रणाली
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए एआई आधारित एकीकृत मेला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। सूचना एवं सहायता के लिए चैटबॉट की सुविधा उपलब्ध होगी, जबकि यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए एआई आधारित ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है।
वाहनों की निगरानी के लिए विभिन्न स्थानों पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी सहायता से संदिग्ध वाहनों की पहचान और यातायात संचालन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर और एनडीआरएफ भी रहेंगे तैनात
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की तीन कंपनियां, द्रुत कार्य बल, झारखंड जगुआर की दो विशेष टीमें तथा बम निरोधक दल पूरे मेले के दौरान सक्रिय रहेंगे। इसके अलावा, शिवगंगा तालाब क्षेत्र में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम भी तैनात की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई कमी न रहे।
बाबा बासुकीनाथ धाम में तैयारियां अंतिम चरण में
दुमका के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने बताया कि बाबा बासुकीनाथ धाम में स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, बिजली, स्वच्छता, सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन सर्विलांस, खोया-पाया केंद्र और श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन की सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को 28 जुलाई तक शेष कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं।
वीआईपी दर्शन पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वीआईपी और वीवीआईपी विशेष दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। झारखंड और बिहार के प्रशासनिक अधिकारी संयुक्त रूप से मेले की निगरानी करेंगे, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा प्रदान की जा सके।
