सीयूजे के मनातू कैंपस में छात्रों का प्रदर्शन
झारखंड के सीयूजे के मनातू कैंपस में स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों ने रविवार को **खराब भोजन** और बढ़े हुए मेस शुल्क के खिलाफ प्रदर्शन किया। आक्रोशित छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर धरना दिया। इस आंदोलन में शामिल छात्रों में मृत्युंजय और अंकित भूख हड़ताल पर हैं, साथ ही छात्राओं ने भी धरने में सक्रिय भागीदारी की। छात्रों का कहना है कि उन्हें लगातार शिकायतों के बावजूद मेस व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिखाई दिया, जिसके कारण उन्होंने आंदोलन का सहारा लिया।
मेस शुल्क में वृद्धि और भोजन की गुणवत्ता
छात्रों का आरोप है कि मेस शुल्क बढ़ने के बावजूद भोजन की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ है। वर्तमान समय में हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों से लगभग 3300 से 3800 रुपये प्रतिमाह मेस शुल्क लिया जा रहा है, जबकि पहले यह शुल्क 3071 रुपये था। छात्रों ने यह भी बताया कि शुल्क वृद्धि के बाद भी उन्हें निर्धारित तीन समय के बजाय केवल दो बार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसलिए, छात्रों ने मेस शुल्क में कमी, भोजन की गुणवत्ता में सुधार और मेस व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए टोकन सिस्टम लागू करने की मांग की है।
प्रशासन पर गंभीर आरोप
विद्यार्थियों ने प्रशासन पर कुछ छात्रों को हॉस्टल से निकालने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। छात्रों ने वार्डन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जो विद्यार्थी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं, उनके खिलाफ व्यक्तिगत कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
देर शाम तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया और आंदोलन समाप्त कराने की कोशिश की, लेकिन विद्यार्थी अपनी मांगों पर अड़े रहे। सीयूजे के डीएसडब्ल्यू डॉ. अनुराग लिंडा ने बताया कि मेस शुल्क में करीब 300 रुपये की वृद्धि यूजी/पीजी कैंटीन कमेटी की सहमति से की गई है और इसे **तात्कालिक व्यवस्था** बताया गया है। वहीं, छात्र बढ़े हुए शुल्क को वापस लेने के साथ-साथ मेस व्यवस्था में पारदर्शिता और भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग पर कायम हैं।



