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📌 गांडीव लाइव डेस्क:
झारखंड विधानसभा में रोजगार और उद्योग पर गंभीर चर्चा 🚀
झारखंड के विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को श्रम, नियोजन, कौशल विकास और उद्योग विभाग की अनुदान मांगों पर एक विस्तृत बहस हुई। इस चर्चा में विधायक प्रदीप यादव ने राज्य में रोजगार और उद्योग की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की।
खनिज संसाधनों की समृद्धि पर ध्यान
विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि झारखंड देश में खनिज संपदा के मामले में अग्रणी है, खासकर कोयला उत्पादन में, फिर भी राज्य में विकास की गति संतोषजनक नहीं है। बेरोजगारी जैसी गंभीर समस्याएं उपस्थिति में हैं। उन्होंने बताया कि राज्य की प्राकृतिक संपदा का सही उपयोग करके युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर ध्यान देना आवश्यक है।
बेरोजगारी की समस्या पर प्रकाश
प्रदीप यादव ने कहा कि इतनी प्राकृतिक संपदा होते हुए भी बेरोजगारी की समस्या अत्यंत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने सुझाव दिया कि खनिज संसाधनों का सही उपयोग करके नए उद्योगों की स्थापना होनी चाहिए, जिससे युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे और राज्य का आर्थिक विकास भी तेज होगा।
केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना
विधायक ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सीधा प्रहार किया, खासकर एचईसी जैसे सार्वजनिक उपक्रमों की स्थिति को लेकर। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान लगातार कमजोर हो रहे हैं और कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। प्रदीप यादव ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो बेरोजगारी की समस्या और गंभीर हो सकती है।
नीतियों में सुधार की आवश्यकता
प्रदीप यादव ने स्पष्ट किया कि देश और राज्य में बेरोजगारी का स्थायी समाधान तभी संभव है जब औद्योगिक रोजगार को बढ़ाने वाली नीतियों में आवश्यक बदलाव किए जाएं। उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि प्राकृतिक संसाधनों का उचित उपयोग करते हुए रोजगार सृजन और उद्योगों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। विधायक के इस विचार ने विधानसभा में रोजगार, उद्योग और संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर नए विमर्श का आगाज़ किया है।
आगे आने वाले समय में इस मुद्दे पर और चर्चा की संभावना है, जिससे झारखंड की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिल सके।
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