यदि आप Google Chrome ब्राउज़र का उपयोग करते हैं, तो आपके लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, Chrome कुछ उपयोगकर्ताओं के सिस्टम में बिना उनकी अनुमति के लगभग 4GB का एक AI मॉडल डाउनलोड कर रहा है। यह जानकारी स्वीडन के कंप्यूटर वैज्ञानिक Alexander Hanff ने अपने ब्लॉग पोस्ट में साझा की है।

सिस्टम में फाइल की स्थान

रिपोर्ट में बताया गया है कि यह फाइल सिस्टम में OptGuideOnDeviceModel नामक फ़ोल्डर में weights.bin के रूप में संग्रहीत होती है। जानकारी के अनुसार, यह फाइल Google के छोटे AI मॉडल Gemini Nano से संबंधित है, जो क्लाउड के बजाय सीधे उपयोगकर्ता के उपकरण पर कार्य करता है।

किस प्रकार के उपयोगकर्ताओं के सिस्टम में हो रहा डाउनलोड?

रिपोर्ट के अनुसार, Chrome बैकग्राउंड में Google के Gemini Nano AI सिस्टम से जुड़ी बड़ी फाइल डाउनलोड कर रहा है। ब्राउज़र पहले यह सुनिश्चित करता है कि उपयोगकर्ता का लैपटॉप या डेस्कटॉप आवश्यक हार्डवेयर आवश्यकताओं को पूरा करता है या नहीं। यदि सिस्टम आवश्यकताओं को पूरा करता है, तो AI मॉडल अपने आप डाउनलोड होना शुरू हो जाता है।

हालांकि, यह AI मॉडल सभी उपयोगकर्ताओं के सिस्टम में डाउनलोड नहीं हो रहा है। यह केवल उन्हीं उपयोगकर्ताओं के सिस्टम में स्थापित किया जा रहा है जिन्होंने Chrome के विशेष AI फीचर्स को सक्रिय किया है, जैसे कि Help me write और ऑन-डिवाइस स्कैम डिटेक्शन।

यदि ये फीचर्स सक्रिय हैं, तो Chrome अपने आप Gemini Nano मॉडल डाउनलोड कर सकता है। इतना ही नहीं, यदि उपयोगकर्ता इस फाइल को हटा भी देता है, तो ब्राउज़र इसे फिर से डाउनलोड कर लेता है।

AI मॉडल को कैसे निष्क्रिय करें?

रिपोर्ट के अनुसार, इस AI मॉडल को पूरी तरह से हटाने के लिए उपयोगकर्ताओं को Chrome की सेटिंग्स में जाकर On-device AI विकल्प को बंद करना होगा। इसके लिए सेटिंग्स में सिस्टम के विकल्प में जाकर यह फीचर ऑफ किया जा सकता है।

Chrome में AI फीचर्स की शुरुआत कब हुई?

Google ने पहली बार 2024 में Chrome में AI फीचर्स जोड़ना शुरू किया था। उस समय Tab Organizer और Help me write जैसे उपकरण पेश किए गए थे। बाद में, कंपनी ने ब्राउज़र में Gemini AI इंटीग्रेशन समेत कई नए AI फीचर्स को शामिल किया।

Google का बयान

Google का कहना है कि Gemini Nano मॉडल उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और कुछ AI फीचर्स को बेहतर बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। कंपनी के अनुसार, यह मॉडल स्थानीय रूप से कार्य करता है, इसलिए उपयोगकर्ता का डेटा क्लाउड पर भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि सिस्टम में स्टोरेज कम होने लगे, तो Chrome स्वचालित रूप से इस मॉडल को हटा देता है। इसके अलावा, अब उपयोगकर्ताओं को Chrome सेटिंग्स से इसे बंद और हटाने का विकल्प भी दिया जा रहा है।

प्राइवेसी और डेटा खर्च को लेकर चिंताएं

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह मुद्दा केवल प्राइवेसी तक सीमित नहीं है। यदि करोड़ों Google Chrome उपयोगकर्ताओं के सिस्टम में 4GB का Gemini Nano मॉडल डाउनलोड होता है, तो इससे इंटरनेट डेटा और बिजली की खपत में भारी वृद्धि हो सकती है। विशेषकर सीमित इंटरनेट प्लान का उपयोग करने वाले उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।