झारखंड में अब पशुधन तस्करी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी : सीएम

पलामू प्रमंडलीय समीक्षा बैठक में सीएम ने डीजीपी को निर्देश जारी करने का दिया आदेश

रांची। झारखंड में पुलिस अब पशुधन तस्करी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी। पशुपालन विभाग के पशुपालन अधिकारी की मौजूदगी में ही कार्रवाई हो सकेगी। ऐसे अधिकारियों के पहल पर ही पशु तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के डीजीपी नीरज सिन्हा को पलामू में विभागीय समीक्षा के दौरान दिए। समीक्षा बैठक में पशु तस्करी को लेकर मंत्री मिथिलेश ठाकुर और मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया। दोनों के सवाल उठाए जाने के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने डीजीपी को इस संबंध में सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी करने को कहा। पीएम ने समीक्षा बैठक में साफ तौर पर कहा कि जब इलाके में कोई स्लॉटर नहीं है। तो पशुधन के खिलाफ कार्रवाई क्यों की जा रही है। झारखंड के इलाके में पशुधन रोजगार का एक बड़ा साधन है और यह ग्रामीणों को एक बड़ा रोजगार देता है। इस संबंध में सोच समझकर निर्णय लेने की जरूरत है। सीएम ने कहा कि झारखंड और छत्तीसगढ़ हुए दोनों की जमीन एक दूसरे से सटे हुए है। इन इलाके में पशुधन को लेकर भी सीमा विवाद में कार्रवाई की जा रही। ऐसा नहीं होना चाहिए। ग्रामीण इलाकों में पशुधन रोजगार एक बड़ा साधन है। पूरे मामले में मुख्यमंत्री ने डीआइजी राजकुमार लाकड़ा, पलामू एसपी चंदन कुमार सिन्हा से भी वस्तु स्थिति की जानकारी ली। जानकारी लेने के बाद सीएम ने डीजीपी को निर्देश जारी करने को कहा कि रोड पर पुलिस कार्रवाई करने में सावधानी बरतें। पलामू के पुलिस स्टेडियम परिसर में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने उपायुक्त और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रमंडलीय समीक्षा बैठक की। इसमें सरकार की तरफ से चलायी जा रही योजनाओं की समीक्षा की गयी। बैठक में पेयजल और स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय चौबे, पलामू और गढ़वा के वरीय पदाधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री जिला स्तरीय समीक्षा के क्रम में उत्कृष्ट विद्यालय, मॉडल स्कूल, स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों, छात्रावासों, पेयजल आपूर्ति, सड़क और पुल की स्थिति, सिंचाई, पुलिस स्टेशन, जनवितरण प्रणाली की दुकान आदि की समीक्षा की।

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